मैराथन को DM मनीष कुमार वर्मा ने दिया अंतिम रूप: इस बार मिलेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की GPS ट्रैकिंग सुविधा

मैराथन को DM मनीष कुमार वर्मा ने दिया अंतिम रूप: इस बार मिलेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की GPS ट्रैकिंग सुविधा

मैराथन को DM मनीष कुमार वर्मा ने दिया अंतिम रूप: इस बार मिलेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की GPS ट्रैकिंग सुविधा

प्रयागराज, 17 नवम्बर । जिलाधिकारी (डीएम)  मनीष कुमार वर्मा ने आगामी अंतरराष्ट्रीय स्तर की मैराथन दौड़ की सभी तैयारियों का अंतिम जायजा लेते हुए एक विस्तृत प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि इस वर्ष के आयोजन को और भी अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए शहरी प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं।

डीएम वर्मा ने मैराथन के मार्ग (रूट) के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी दौड़ का मार्ग पूर्ण मैराथन के मानक अनुरूप ठीक 42.195 किलोमीटर (26.2 मील) का होगा, जिसका निरीक्षण और सर्वेक्षण पहले ही कर लिया गया है। इस मार्ग को विशेष रूप से धावकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर चुना गया है ताकि प्रतियोगिता के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो। दौड़ का शुभारंभ सुबह 6 बजे ऐतिहासिक आनंद भवन से किया जाएगा।

पुरस्कार राशि के संदर्भ में डीएम वर्मा ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष पुरस्कार की राशि में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है और यह पिछले वर्षों के समान ही रहेगी। विजेताओं को निम्नलिखित राशि प्रदान की जाएगी:

  • प्रथम पुरस्कार: 2,00,000 रुपये (दो लाख रुपये)
  • द्वितीय पुरस्कार: 1,00,000 रुपये (एक लाख रुपये)
  • तृतीय पुरस्कार: 75,000 रुपये (पचहत्तर हज़ार रुपये) इसके अतिरिक्त, प्रतिस्पर्धा में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन दिखाने वाले 11 अन्य धावकों को 10,000-10,000 रुपये के सांत्वना पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाएगा।

इस वर्ष की सबसे बड़ी खासियत अंतरराष्ट्रीय स्तर की GPS ट्रैकिंग सुविधा का प्रावधान है। डीएम वर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता में विश्वस्तरीय माइक्रोचिप (GPS ट्रैकर) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यह प्रणाली प्रत्येक धावक की वास्तविक समय (Real Time) में स्थिति, तय की गई दूरी और गति का सटीक आकलन करेगी। इस तकनीक के प्रयोग से न्यायाधीशों के लिए विजेताओं का चयन करना अत्यंत सरल और पूरी तरह पारदर्शी होगा, साथ ही दर्शकों और आयोजकों के लिए भी धावकों की लाइव लोकेशन ट्रैक करना संभव हो सकेगा।

डीएम वर्मा ने यह भी उल्लेख किया कि इस प्रतियोगिता में पुरुष और महिला, दोनों वर्गों के पेशेवर धावक बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। उन्होंने संभावित प्रतिभागियों को सूचित किया कि पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) की प्रक्रिया प्रतियोगिता के अंतिम समय तक जारी रखी जाएगी। साथ ही, उन्होंने भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हालाँकि वर्तमान में प्रतिभागियों के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष है, लेकिन इस आयु सीमा में संशोधन और कई वर्षों से स्थिर पुरस्कार राशि में वृद्धि का एक प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, ताकि भविष्य के आयोजनों को और भी व्यापक पैमाने पर आयोजित किया जा सके।

अंत में, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने विश्वास दिलाया कि जिला प्रशासन एक सुरक्षित, सुचारू और तकनीकी रूप से समृद्ध मैराथन का आयोजन करने के लिए पूरी तरह से तैयार है और सभी धावकों तथा दर्शकों का हार्दिक स्वागत करता है।

खेल प्रेमियों और धावकों के लिए खुशखबरी! आगामी मैराथन की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं, और इस बार का आयोजन कई मायनों में बेहद खास होने वाला है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने हाल ही में मैराथन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए घोषणा की कि सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं और जिला प्रशासन एक यादगार इवेंट के लिए पूरी तरह तैयार है।

क्या है खास इस बार?

इस वर्ष की सबसे बड़ी और रोमांचक विशेषता है अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रयोग होने वाली माइक्रो चिप (जीपीएस ट्रैकर) व्यवस्था का कार्यान्वयन! जी हां, अब धावकों को उनके प्रदर्शन की सबसे सटीक जानकारी मिलेगी। यह जीपीएस चिप धावकों के रूट और दूरी का एकदम सटीक आकलन सुनिश्चित करेगा, जिससे विजेताओं के चयन में जजों को अत्यधिक पारदर्शिता और आसानी होगी। यह तकनीक हमारी स्थानीय मैराथन को अंतरराष्ट्रीय मानकों तक पहुंचाने में मदद करेगी!

मैराथन की प्रमुख जानकारी:

  • रूट और दूरी: पिछले वर्षों की भांति, मैराथन का रूट लगभग 42.19 किलोमीटर का होगा। धावकों की सुविधा के लिए पूरे रूट को बारीकी से चेक कर लिया गया है ताकि कहीं भी कोई असुविधा न हो।
  • आरंभ बिंदु और समय: मैराथन का भव्य आरंभ सुबह 6 बजे आनंद भवन से निर्धारित किया गया है।
  • विजेताओं के लिए पुरस्कार:
    • प्रथम विजेता: 2 लाख रुपये
    • द्वितीय विजेता: 1 लाख रुपये
    • तृतीय विजेता: 75,000 रुपये
    • इसके साथ ही, 11 खिलाड़ियों को 10,000 रुपये का सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा। (डीएम वर्मा ने बताया कि पुरस्कार राशि पिछले वर्षों के समान ही रहेगी)।
  • प्रतिभागियों की श्रेणी: मैराथन में महिला और पुरुष दोनों वर्गों के पेशेवर धावक प्रतिभाग करेंगे, जिससे प्रतियोगिता का स्तर और भी ऊंचा होगा।
  • रजिस्ट्रेशन: अगर आपने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो चिंता न करें! रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अंतिम समय तक जारी रहेगी।

भविष्य की ओर एक कदम:

डीएम वर्मा ने यह भी उल्लेख किया कि हालांकि अभी प्रतिस्पर्धा में भाग लेने की न्यूनतम आयु 18 वर्ष है, लेकिन आयु सीमा और पिछले कई वर्षों से स्थिर रही पुरस्कार राशि में वृद्धि के संबंध में एक प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। यह दर्शाता है कि प्रशासन न केवल वर्तमान आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि भविष्य में इसे और बेहतर बनाने के लिए भी प्रयासरत है।

कुल मिलाकर, जिला प्रशासन एक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत मैराथन आयोजित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। तो तैयार हो जाइए इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनने के लिए, चाहे आप धावक हों या दर्शकों के तौर पर अपने पसंदीदा खिलाड़ी का उत्साह बढ़ाने आ रहे हों। मैराथन की सफलता निश्चित है!