मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है; जनता दर्शन में 200 लोगों की सुनीं समस्याएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है; जनता दर्शन में 200 लोगों की सुनीं समस्याएं
गोरखपुर, 11 जुलाई उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए, शुक्रवार, 11 जुलाई को गोरखनाथ मंदिर परिसर में लगातार दूसरे दिन 'जनता दर्शन' का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने लगभग 200 लोगों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार हर जरूरतमंद व्यक्ति के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक फरियादी की बात सुनी और उन्हें दिलासा देते हुए कहा, "परेशान मत हों, आपकी समस्याओं का समाधान निश्चित रूप से किया जाएगा।" उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रस्तुत किए गए सभी मामलों का त्वरित और प्रभावी ढंग से निस्तारण करें, जिसमें किसी भी प्रकार की कोताही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जनता दर्शन के दौरान, कई ऐसे मामले सामने आए जहां लोग विभिन्न प्रकार की समस्याओं, विशेषकर चिकित्सा उपचार के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर आए थे। ऐसा ही एक मार्मिक प्रसंग तब सामने आया जब एक महिला अपने इलाज के लिए मुख्यमंत्री से मदद मांगने पहुंची। उसकी व्यथा सुनकर मुख्यमंत्री ने उसे आत्मीय संबल प्रदान किया और कहा, "आप अपने इलाज का अनुमान (इस्टीमेट) मंगवा लीजिए, सरकार आपकी भरपूर मदद करेगी।"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सुबह मंदिर परिसर में कुर्सियों पर बैठे लोगों तक स्वयं पहुंचकर उनसे मुलाकात की और एक-एक करके उनकी शिकायतें सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की हर पीड़ा का निवारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए और इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
चिकित्सा सहायता के लिए आए आवेदनों के संबंध में, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वे इलाज से जुड़े अनुमान की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण कराएं और संबंधित प्रार्थना पत्रों को शासन में उपलब्ध कराएं ताकि पीड़ित व्यक्तियों को समय पर आर्थिक सहायता प्रदान की जा सके। यह जनता दर्शन मुख्यमंत्री की आम जनता तक सीधी पहुंच बनाने और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।