प्रधानमंत्री मोदी के जनसभा में पचास हजार महिलाओं को बुलाने के लिए बूथ स्तर तक जनसंपर्क

प्रधानमंत्री मोदी के जनसभा में पचास हजार महिलाओं को बुलाने के लिए बूथ स्तर तक जनसंपर्क

प्रधानमंत्री मोदी के जनसभा में पचास हजार महिलाओं को बुलाने के लिए बूथ स्तर तक जनसंपर्क

वाराणसी, 26 अप्रैल । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से 28 अप्रैल को बरेका परेड ग्राउंड में आयोजित ‘जन-आक्रोश महिला सम्मेलन’ को देश के प्रधानमंत्री व काशी के सांसद नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। इस सम्मेलन की पूरी व्यवस्था से लेकर संचालन तक की जिम्मेदारी महिलाओं को सौंपी गई है। सम्मेलन को लेकर रोहनियां स्थित पार्टी के क्षेत्रीय कार्यालय में प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक सम्पन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल ने की।

बैठक में क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा कि सम्मेलन में 50 हजार महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महिला मोर्चा की टीमें जिले व महानगर की सभी विधानसभाओं में घर-घर संपर्क कर रही हैं। इस सम्मेलन की पूरी कमान मातृशक्ति के हाथों में होगी और हर वर्ग की महिलाओं को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। दिलीप पटेल ने कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित न होने से महिलाओं में आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की महिला विरोधी नीतियों के कारण यह विधेयक कानून नहीं बन सका। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा महिलाओं के समर्थन और विपक्ष के खिलाफ आक्रोश के प्रदर्शन का बड़ा मंच बनेगा।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में प्रधानमंत्री मोदी का यह काशी का पहला दौरा है, जिसमें वे हजारों करोड़ की परियोजनाओं की सौगात देंगे। स्थानीय जिलाध्यक्ष व एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री 28 अप्रैल को दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचेंगे। 29 अप्रैल को वे काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करेंगे। उनके स्वागत के लिए बनारस रेलवे स्टेशन, पुलिस लाइन, लहुराबीर, मैदागिन और विश्वनाथ मंदिर सहित पांच स्थानों पर कार्यकर्ताओं द्वारा ढ़ोल नगाड़े के साथ पुष्पवर्षा व ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष के साथ स्वागत किया जाएगा।

—व्यवस्थाओं पर विशेष जोर, पदाधिकारियों को जिम्मेदारी

बैठक में सम्मेलन की सीटिंग, वाहन पार्किंग, पेयजल, मीडिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल ने कहा कि सभी पदाधिकारी अपनी-अपनी टोली के साथ कार्यक्रम स्थल पर निर्धारित समय से एक घंटा पहले पहुंचकर जिम्मेदारियों का निर्वहन सुनिश्चित करें, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।