मढिया महादेव मंदिर पर 46 लाख तो केदारेश्वर मंदिर के सौंदर्यीकरण पर 119 लाख रुपए हुए खर्च

मढिया मंदिर ऐतिहासिक तो केदारेश्वर मंदिर से जुड़ी है पौराणिक मान्यतासावन के महीने में दोनों मंदिरों पर दर्शन को उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़

मढिया महादेव मंदिर पर 46 लाख तो केदारेश्वर मंदिर के सौंदर्यीकरण पर 119 लाख रुपए हुए खर्च

झांसी, 21 जुलाई सावन के महीने में झांसी के मढिया महादेव मंदिर और केदारेश्वर मंदिर पर श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ती है। जहां मढिया महादेव मंदिर ऐतिहासिक महत्व रखता है तो केदारेश्वर मंदिर का पौराणिक दृष्टि से काफी महत्व है। योगी सरकार ने इन दोनों ही शिव मंदिरों पर धार्मिक पर्यटन विकास की दृष्टि से मूलभूत सुविधाओं का विकास किया है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना न करना पड़े।

मढिया महादेव मंदिर झांसी शहर में स्थित है और इसे अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ ही योगी सरकार द्वारा 46 लाख रुपए खर्च कर यहां पर्यटन विकास के कार्य कराए गए। सुविधाओं के विकास के बाद अब यहां आने वाले श्रद्धालुओ को दर्शन-पूजन में काफी सहूलियत हो गई है। माना जाता है कि मढिया महादेव मंदिर का निर्माण गुसाई संतों ने करवाया था और उन्होंने कुछ समय तक झांसी पर शासन भी किया था। मढिया महादेव मंदिर परिसर में छोटे छोटे मंदिरों का समूह है, जिनके बारे में मान्यता है कि ये भगवान शिव को समर्पित गुसाई संतों की समाधियों पर बनाए गए हैं। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई इस मंदिर में नियमित रूप दे दर्शन-पूजन करने आती थीं। यह मंदिर समूह राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है।

झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र में स्थित केदारेश्वर मंदिर को काफी प्राचीन मंदिर माना जाता है। माना जाता है कि दसवीं शताब्दी में इस मंदिर का निर्माण चंदेल राजाओं ने कराया था। जनश्रुति है कि भगवान कृष्ण के आदेश पर अर्जुन ने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। कहा जाता है कि जब सुबह मंदिर के कपाट खोले जाते हैं तो ऐसा आभास होता है कि कोई अदृश्य शक्ति पहले ही पूजा कर चुकी है। सावन के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़ यात्री यहां जलाभिषेक करने आते हैं। इस स्थान के धार्मिक महत्व को देखते हुए योगी सरकार ने पर्यटन विभाग के माध्यम से इस स्थान के पर्यटन विकास पर लगभग 119 लाख रूपये खर्च कर पर्यटन सुविधाओं का विकास किया है। संपर्क सड़क, बैठने की व्यवस्था, पेयजल की व्यवस्था, शेड आदि की व्यवस्थाएं कर श्रद्धालुओं के लिए सहूलियत को बढ़ाया गया है।

इनका है कहना

झांसी के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डी के शर्मा ने बताया कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए झांसी के शिव मंदिरों पर पर्यटन सुविधाओं का विकास किया गया है। आवागम के रास्तों को बेहतर करने के साथ ही लाइटिंग, शेड, बैठने की व्यवस्था, पेयजल की व्यवस्था समेत अन्य बुनियादी जरूरतों को पूरा किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।