प्रयागराज में शिक्षकों को मिला AI का प्रशिक्षण, ChatGPT-Gemini से पाठ योजना और प्रश्नपत्र बनाना सीखा

प्रयागराज में शिक्षकों को मिला AI का प्रशिक्षण, ChatGPT-Gemini से पाठ योजना और प्रश्नपत्र बनाना सीखा

प्रयागराज में शिक्षकों को मिला AI का प्रशिक्षण, ChatGPT-Gemini से पाठ योजना और प्रश्नपत्र बनाना सीखा

प्रयागराज, 16 सितंबर । बदलते तकनीकी परिवेश में शिक्षकों का आधुनिक तकनीकों से परिचित होना आवश्यक है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का रचनात्मक, संतुलित और जिम्मेदार उपयोग शिक्षण को अधिक प्रभावी बना सकता है। यह बात विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश, काशी प्रांत के प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी ने कही। वह ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, गंगापुरी, रसूलाबाद में आयोजित दो दिवसीय एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।

विद्यालय में 15 और 16 सितंबर को शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से दक्ष बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका आयोजन वोडाफोन आइडिया फाउंडेशन के कार्यक्रम ‘गुरुशाला’ के माध्यम से प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन ने किया। प्रशिक्षण सत्रों का संचालन प्रशिक्षक आशिता आचार्य, पीयूष बाजपेयी और सृष्टि गौड़ ने किया।

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को एआई की मूल अवधारणाओं, कार्यप्रणाली और शिक्षा के क्षेत्र में इसके उपयोग की जानकारी दी गई। ChatGPT, Google Gemini और NotebookLM जैसे एआई उपकरणों का प्रयोगात्मक प्रशिक्षण भी दिया गया। शिक्षकों ने इन उपकरणों की मदद से पाठ योजना, प्रश्नपत्र, अभ्यास सामग्री और विद्यार्थियों की आवश्यकता के अनुरूप शैक्षिक सामग्री तैयार करने का अभ्यास किया।

बुधवार को हुए समापन समारोह में प्रशिक्षण के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों और सत्रों की समीक्षा की गई। प्रतिभागी शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रशिक्षण से उन्हें एआई के माध्यम से शिक्षण कार्य को अधिक सरल, व्यवस्थित, रचनात्मक और प्रभावी बनाने की नई दिशा मिली।

विद्यालय के प्रधानाचार्य बांके बिहारी पाण्डेय ने ‘गुरुशाला’ के माध्यम से प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की ओर से दिए गए प्रशिक्षण की सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का सार्थक उपयोग शिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।