मीरजापुर में पशुपालक पर तेंदुए का हमला, गंभीर हालत में मंडलीय अस्पताल रेफर

भैंस चराने गए पशुपालक पर झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने किया हमला, महिला वाचर के शोर मचाने पर जंगल में भागा; गांव में दहशत

मीरजापुर में पशुपालक पर तेंदुए का हमला, गंभीर हालत में मंडलीय अस्पताल रेफर

मीरजापुर, 05 नवंबर उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर के ड्रमंडगंज वनरेंज के बबुरा रघुनाथ सिंह गांव स्थित गंगहर जंगल में गुरुवार दोपहर झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने भैंस चराने गए पशुपालक पर हमला कर दिया। हमले में सझिया बस्ती निवासी केवला शंकर उर्फ लड़ाका कोल गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद ग्रामीणों और चरवाहों में दहशत है।

केवला शंकर दोपहर में भैंस चराने के बाद उन्हें पानी पिलाने सुखनई नदी की ओर ले गए थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। करीब दस मिनट तक पशुपालक तेंदुए से जूझते रहे। उनकी चीख-पुकार सुनकर पास के प्लांटेशन में मौजूद महिला वाचर श्यामदेई लाठी लेकर शोर मचाते हुए मौके की ओर दौड़ीं। उनके शोर मचाने पर तेंदुआ पशुपालक को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया।

महिला वाचर और पास में बकरियां चरा रहे सियाराम पाल ने ग्रामीणों की मदद से घायल को चारपाई पर लादकर घर पहुंचाया। उनकी जांघ, पेट, हाथ और गर्दन पर गंभीर चोटें आई हैं। ग्राम प्रशासक पति पुंडरीक सिंह मोनू ने निजी वाहन से उन्हें पीएचसी हलिया पहुंचाया। चिकित्सक रीना सिंह ने प्राथमिक उपचार के बाद मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया।

सूचना पर पहुंचे एसआई गुलाब सोनकर और वन विभाग के वन दारोगा अखिलेश्वर दुबे, कुमार कार्तिकेय व वनकर्मी रामसजीवन वर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन दारोगा कुमार कार्तिकेय ने बताया कि मौके पर मिले पदचिह्न तेंदुए के प्रतीत हो रहे हैं। ग्रामीणों और चरवाहों को जंगल के आसपास पशु न ले जाने तथा सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की टीम गांव में तैनात है।