भाषा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 1246 विद्यार्थियों को दी जायेगी उपाधि
भाषा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 1246 विद्यार्थियों को दी जायेगी उपाधि
लखनऊ, 06 जुलाई । ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ का 11वां दीक्षांत समारोह 08 जुलाई को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होगा। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी। मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात विचारक एवं राज्यसभा सांसद प्रो. सुधांशु त्रिवेदी दीक्षांत भाषण देंगे। उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय तथा उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह की गरिमा बढ़ाएँगे। यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
प्रेस वार्ता के दौरान कुलपति ने बताया कि इस वर्ष कुल 1246 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की जाएँगी, जिनमें 799 स्नातक (UG), 437 स्नातकोत्तर (PG) तथा 10 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की जाएगी। इनमें 495 छात्राएँ एवं 751 छात्र शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कुल 939 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी, 120 विद्यार्थियों ने डिस्टिंक्शन सहित प्रथम श्रेणी तथा 177 विद्यार्थियों ने द्वितीय श्रेणी प्राप्त की है। प्रो. तनेजा ने बताया कि इस वर्ष प्रदान किए जाने वाले 125 पदकों में से 74 पदक छात्राओं तथा 51 पदक छात्रों को प्राप्त हुए हैं। कुल 110 पदक विजेताओं में छात्राओं की हिस्सेदारी 59.20 प्रतिशत है।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुसंधान एवं नवाचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। विभिन्न विभागों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, शोध एवं विकास परियोजनाओं तथा वित्तपोषित अनुसंधान योजनाओं के माध्यम से शोध गतिविधियों को नई गति मिली है। विश्वविद्यालय ने अब तक भारतीय एवं विदेशी शिक्षण संस्थानों, उद्योगों तथा अन्य संगठनों के साथ 71 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को इंटर्नशिप, प्रशिक्षण, संयुक्त शोध तथा रोजगार के व्यापक अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
प्रो तनेजा ने बताया कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने के लिए विश्वविद्यालय में स्टार्टअप, इनोवेशन, डिजिटल लर्निंग तथा ‘AI for Everyone’ जैसे वैल्यू एडेड पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इंजीनियरिंग एवं कंप्यूटर विज्ञान के विद्यार्थियों द्वारा विकसित नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है तथा विश्वविद्यालय में नवाचार एवं उद्यमिता की संस्कृति को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।भारतीय ज्ञान परम्परा एवं मातृभाषाओं के संरक्षण पर बल देते हुए कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge System) केन्द्र की स्थापना की गई है। साथ ही अवधी भाषा एवं साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से महत्वपूर्ण पहल की गई है तथा आगामी शैक्षणिक सत्र से बी.ए. (अवधी) प्रारम्भ करने की तैयारी पूर्ण कर ली गई है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव विकास, डीन अकादमिक प्रो. सौबान सईद, उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. अताउर रहमान, जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. शचींद्र शेखर, डॉ. काज़िम रिज़वी, डॉ. जफरुन नकी उपस्थित रहे।