चुनाव कराइए-गर्भगृह में रील-वीडियो पर रोक लगाइए, सीएम योगी से शिकायत करेगा पंडा समाज

- नगर मजिस्ट्रेट को पत्रक सौंप आठ वर्ष से लंबित चुनाव कराने की मांग - विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में रील-वीडियो बनाने पर जताई आपत्ति

चुनाव कराइए-गर्भगृह में रील-वीडियो पर रोक लगाइए, सीएम योगी से शिकायत करेगा पंडा समाज

मीरजापुर, 06 जुलाई । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित विंध्यधाम दौरे से पहले श्रीविंध्य पंडा समाज ने अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। पंडा समाज ने सोमवार को नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर आठ वर्ष से लंबित चुनाव जल्द कराने व मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में रील, वीडियो एवं फोटो बनाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले की शिकायत की जाएगी।

श्रीविंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने कहा कि वर्ष 1952-53 में स्थापित श्रीविंध्य पंडा समाज का चुनाव कई वर्षों से नहीं कराया गया है। वैध कार्डधारकों की सूची प्रशासन को कई बार उपलब्ध कराई जा चुकी है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं की जा रही है। इससे समाज में असंतोष बढ़ता जा रहा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करने के लिए शीघ्र चुनाव कराया जाना जरूरी है। पंडा समाज के मंत्री शनि दत्त पाठक ने बताया कि वर्ष 1982-83 में पंडा समाज के सहयोग से विंध्य विकास परिषद का गठन हुआ था, जिसके पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी होते हैं। ऐसे में परिषद और पंडा समाज दोनों की व्यवस्था नियमित चुनाव के माध्यम से संचालित होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र चुनाव की तिथि घोषित नहीं हुई तो आगामी आठ जुलाई को मीरजापुर आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पंडा समाज निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग करेगा।

नियमों का उल्लंघन करने वालों पर हो सख्त कार्रवाई

पंडा समाज ने विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में रील-वीडियो बनाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। आरोप लगाया कि कुछ लोग इंटरनेट मीडिया के लिए गर्भगृह में मनमाने ढंग से वीडियो और रील बना रहे हैं, जिससे धाम की मर्यादा प्रभावित हो रही है और श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन में बाधा उत्पन्न हो रही है। ऐसे में गर्भगृह में वीडियो और फोटोग्राफी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में गौतम द्विवेदी, शनि दत्त पाठक, शनि पांडेय, हर्ष शुक्ला आदि थे।