आशुतोष मेमोरियल स्कूल में 19वीं पुण्यतिथि पर वृहद वृक्षारोपण, सेनानायक सर्वेश मिश्रा बोले- पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी
चतुर्थ बटालियन पीएसी प्रयागराज के सेनानायक सर्वेश मिश्रा ने छात्रों को अनुशासन, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया
प्रयागराज। आशुतोष मेमोरियल स्कूल के प्रेरणास्रोत और क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने वाले स्व० इंजीनियर आशुतोष मिश्रा की १९वीं पुण्यतिथि के पावन अवसर पर विद्यालय परिसर में एक वृहद् एवं भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस भावपूर्ण और गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित चतुर्थ बटालियन, पी०ए०सी० प्रयागराज के सेनानायक श्री सर्वेश मिश्रा (आई.पी.एस.) ने पर्यावरण और मानव जीवन के अंतर्संबंधों पर अपने विचार साझा किए। अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए उन्होंने अत्यंत सारगर्भित शब्दों में कहा कि, "वृक्षारोपण केवल एक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह जीवन को गढ़ने का आधार है। वृक्षारोपण से ही हमें जीवनदायिनी वायु (ऑक्सीजन) मिलती है, जो हमारे अस्तित्व को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।"

स्मृति स्वरूप विशिष्ट पौधों का रोपण
श्रद्धांजलि सभा के उपरांत सेनानायक महोदय के कर-कमलों द्वारा विद्यालय प्रांगण में विशेष रूप से चयनित चार विशिष्ट प्रजातियों के औषधीय एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। इन पौधों को रोपते समय उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ये पौधे केवल हरियाली का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि स्व० इंजीनियर आशुतोष मिश्रा के उच्च आदर्शों, उनकी जीवंत स्मृति और समाज निर्माण के संकल्प के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने वहां उपस्थित जनसमूह और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इन पौधों को रोपना हमारा पहला कदम है, परंतु इनकी निरंतर देखभाल करना, इन्हें सींचना और इन्हें एक विशाल वृक्ष के रूप में विकसित करना हम सभी का परम कर्तव्य और सच्ची श्रद्धांजलि है।

विद्यार्थियों के साथ आत्मीय संवाद और भविष्य निर्माण की सीख
कार्यक्रम के दौरान सेनानायक श्री सर्वेश मिश्रा ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं से बेहद आत्मीय और प्रेरणादायक संवाद किया। देश के भविष्य यानी युवा विद्यार्थियों के मन में उठ रहे अनेक कौतूहलपूर्ण और भविष्य निर्माण से जुड़े प्रश्नों के उन्होंने अत्यंत सरल एवं व्यावहारिक उत्तर दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत का महत्व समझाते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने बच्चों को राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने और एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। सेनानायक के ओजस्वी विचारों से छात्र-छात्राएं अत्यंत उत्साहित और अनुगृहीत नजर आए।
ग्रामीण क्षेत्र में आधुनिक शिक्षा के केंद्र की सराहना

विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण और बुनियादी ढांचे पर अपने विचार व्यक्त करते हुए सेनानायक ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "यह देखकर अत्यंत गर्व और संतोष की अनुभूति होती है कि एक सुदूर ग्रामीण अंचल में स्थापित होने के बावजूद यह विद्यालय तमाम आधुनिक सुविधाओं, उन्नत तकनीकों और वैश्विक स्तर के संसाधनों से सुसज्जित है। ग्रामीण बच्चों को उनके ही परिवेश में ऐसी उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करना वास्तव में एक भगीरथ प्रयास है।" उन्होंने शिक्षा के इस पावन मंदिर की स्थापना के लिए प्रबंधन तंत्र की दूरदर्शिता की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान
इससे पूर्व, विद्यालय परिसर में सेनानायक श्री सर्वेश मिश्रा के आगमन पर परिसर का माहौल पूरी तरह उत्साह से भर गया। विद्यालय के चेयरमैन प्रो० जे० पी० एन० मिश्रा एवं विशिष्ट ट्रस्टी श्रीमती ममता पाण्डेय ने मुख्य अतिथि का पुष्प गुच्छ प्रदान कर और स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) भेंट कर अत्यंत भावभीना और आत्मीय स्वागत किया।

शिक्षकों और बच्चों ने लिया संकल्प
इस पुनीत अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य, सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। मुख्य अतिथि से प्रेरणा लेकर विद्यालय के नन्हें-मुन्ने बच्चों और वरिष्ठ छात्रों ने भी परिसर के विभिन्न हिस्सों में उत्साहपूर्वक कई पौधे लगाए। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे इन पौधों की सुरक्षा और संवर्धन की जिम्मेदारी स्वयं उठाएंगे। संपूर्ण कार्यक्रम 'हरित धरा-स्वच्छ धरा' के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


