लगातार बारिश सें 200 कच्चे मकान गिरे, प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व कर्मी कर रहे सर्वे
लगातार बारिश सें 200 कच्चे मकान गिरे, प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व कर्मी कर रहे सर्वे
हमीरपुर, 02 सितम्बर । उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मौदहा तहसील क्षेत्र में बीते 15 दिनों से जारी रुक-रुककर बारिश ने भारी तबाही मचाई है। क्षेत्र के 34 गांवों में करीब 200 कच्चे मकान धराशायी हो गए हैं, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित लोग खेतों में बने ट्यूबवेल और तिरपाल डालकर दिन काटने को मजबूर हैं। हालांकि, इस प्राकृतिक आपदा में अभी तक किसी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है।
प्रशासनिक व स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, लोदीपुर और भैसमरी में सबसे ज्यादा 20 मकान गिरे हैं, जबकि सिसोलर में 15 मकान धराशायी हुए हैं। इसके अलावा उपरहां में 7, छानी, हुसैना व छेड़ी बसायक में 5-5 और नायकपुरवा में 4 मकान गिरे हैं। खड़ेही लोधन व सिचौली में 3-3, जबकि इचौली, पासून, करहिया, मसगवां और निवादा में 2-2 मकान जमींदोज हुए हैं। रीवन, छिरका, भभौरा, इमिलिया, जल्ला और महेरा में भी 1-1 कच्चा मकान गिरने की पुष्टि हुई है। घर गिर जाने से बेघर हुए लोगों की आपबीती बेहद पीड़ादायक है। मसगवां निवासी दिलीप कुमार ने बताया कि मकान गिर जाने के कारण उन्हें पूरे परिवार के साथ पास के ट्यूबवेल में शरण लेनी पड़ी है। वहीं, भभौरा निवासी सीताराम का आशियाना भी बारिश की भेंट चढ़ गया, जिससे उनके सामने सिर छिपाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
उपजिलाधिकारी करनवीर सिंह ने बुधवार को शाम बताया कि बारिश के कारण हुए नुकसान का आकलन करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व कर्मियों को सर्वे के काम पर लगाया गया है। रिपोर्ट मिलते ही नियमानुसार पात्र पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता व क्षतिपूर्ति प्रदान की जाएगी। आपदा प्रबंधन से जुड़े आरके आनंद कुमार के अनुसार अन्य प्रभावित गांवों से भी नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है।