दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर पर 69.5 किमी रेल मार्ग ‘कवच 4.0’ से लैस, ट्रेन सुरक्षा को मिलेगा नया कवच
दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर पर 69.5 किमी रेल मार्ग ‘कवच 4.0’ से लैस, ट्रेन सुरक्षा को मिलेगा नया कवच
प्रयागराज, 02 नवंबर । रेल यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में उत्तर मध्य रेलवे ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। दिल्ली-हावड़ा रेल कॉरिडोर के करछना-मिर्जापुर के बीच 69.5 रूट किलोमीटर रेलखंड पर स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 'कवच 4.0' (एसआईएल-4) की सफलतापूर्वक कमीशनिंग कर दी गई है। इसके साथ ही उत्तर मध्य रेलवे में कवच 4.0 से लैस रेल नेटवर्क बढ़कर 785 रूट किलोमीटर हो गया है। वहीं, दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर पर इस प्रणाली का विस्तार 700 किलोमीटर से अधिक हो गया है।
कवच 4.0 भारतीय रेलवे की स्वदेशी तकनीक से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। इसका उद्देश्य रेल परिचालन के दौरान संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह प्रणाली सिग्नल पार करने में होने वाली चूक (एसपीएडी) की स्थिति में स्वतः ब्रेक लगाने में सक्षम है। इसके अलावा आमने-सामने और पीछे से होने वाली ट्रेनों की टक्कर रोकने में भी मदद करती है।
इस तकनीक की एक खासियत यह भी है कि खराब मौसम और घने कोहरे के दौरान ट्रेन संचालन को सुरक्षित बनाने में लोको पायलट को सहायता मिलती है। इससे व्यस्त रेल मार्गों पर परिचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
इस महत्वपूर्ण कार्य को उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर दीपक कुमार सिन्हा के तकनीकी नेतृत्व में पूरा किया गया। सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, मैदानी टीमों और कार्यदायी एजेंसियों ने आपसी समन्वय के साथ इस परियोजना को पूरा करने में योगदान दिया।
उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि करछना-मिर्जापुर रेलखंड पर कवच 4.0 की कमीशनिंग रेलवे की संरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इसके साथ उत्तर मध्य रेलवे का कवच नेटवर्क 785 रूट किलोमीटर तक पहुंच गया है और दिल्ली-हावड़ा जैसे व्यस्त रेल कॉरिडोर पर 700 किलोमीटर से अधिक हिस्से में यह सुविधा उपलब्ध हो गई है। स्वदेशी तकनीक से विकसित यह प्रणाली ट्रेन दुर्घटनाओं की आशंका कम करने, सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित करने और यात्रियों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करने में सहायक होगी। उत्तर मध्य रेलवे आने वाले समय में भी कवच प्रणाली के विस्तार के लिए लगातार प्रशयास कर रहा है।