पूर्वी पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर श्रद्धालुओं से भरी पिकअप पलटी, 12 की मौत; 24 घायल, CM योगी ने मुआवजे का किया ऐलान
गोगामेड़ी धाम से दर्शन कर बदायूं लौट रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी बड़ा गांव के पास डिवाइडर से टकराकर पलटी। मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
बागपत, 07 सितंबर। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित पूर्वी पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर रविवार देर रात हुए सड़क हादसे में मरने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। 24 लोग घायल हैं, जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख प्रकट करते हुए मृतकों के परिजनों दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क हादसे में घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए जिला प्रशासन को आदेश दिए है। यह भी कहा कि इस दुख की घड़ी में सरकार पीड़ितों के साथ है, हर संभव मदद की जाएगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरठ जिले के मंडल आयुक्त (कमिश्रनर) भानु चन्द्र गोस्वामी और मेरठ के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) मेरठ भानु भास्कर ने घायलों का हालचाल लिया। उनके साथ बागपत जिले की जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय भी मौजूद रहे। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को पीड़ितों को हर संभव मदद देने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और उनके इलाज की व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायल को बेहतर इलाज मिलना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसपी ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के पीछे और क्या कारण हो सकते हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब राजस्थान के गोगामेड़ी धाम से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरा एक पिकअप वाहन बागपत से होते हुए बदायूं की ओर जा रहा था। रविवार देर रात करीब 12:30 बजे, जैसे ही वाहन बागपत के बड़ा गांव के पास एक्सप्रेस—वे पर पहुंचा। आशंका है कि चालक को नींद की झपकी आ गई। स्टेयरिंग से नियंत्रण खोने के बाद वाहन डिवाइडर पर चढ़ा और पलट गया। हादसे के बाद श्रद्धालुओं में देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 के माध्यम से पुलिस को जानकारी दी गई। इसके बाद बागपत पुलिस प्रशासन हरकत में आया और तत्काल कई पीआरवी और एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। स्वयं जिलाधिकारी अस्मिता लाल और एसपी सूरज कुमार राय ने रात को ही मौके पर पहुंचकर राहत बचाव कार्य में कोई कमी नहीं छोड़ी। घायलों को तत्काल बागपत के तीन अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर उपचार के लिए मेरठ के हायर सेंटर रेफर किया गया।
बागपत जिला अस्पताल सीएमएस अनुराग वाष्णेय ने बताया कि जनपद में अब तक छह लोगों की मौत हुई है। इनमें साधु, रामसिंह, जितेंद्र, मुनीम, रामेश्वर और सुगड़ पाल शामिल है। जबकि अन्य छह लोगों ने मेरठ के अस्पताल में दम तोड़ा हैं। मृतकों में मूर्ति (35), भानवती (52), प्रेमवती (50), दीक्षा (02), एक 45 वर्षीय अज्ञात महिला और चार साल का बच्चा शामिल है।
घटना का संज्ञान लेकर एडीजी मेरठ भानु भास्कर ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और उनके हालचाल जाने। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा “यह बेहद दुखद हादसा है। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। मेरठ मंडलायुक्त भानु चन्द्र गोस्वामी ने अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने और पीड़ितों को हर संभव मदद देने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी बागपत अस्मिता लाल पीड़ित मरीजों को बेहत इलाज मुहैया कराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। वे लगातार अधिकारियों को दिशा निर्देश दे रही है और चिकित्सकों से उनके हालचाल भी ले रही है। एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लंबे सफर और रात के समय वाहन चलाने के कारण चालक को नींद की झपकी आ गई है,जिससे यह हादसा हुआ है। जबकि जिला अस्पताल सीएमएस अनुराग वाष्णेय का मानना है कि हाईवे पर इस तरह के हादसे अक्सर ड्राइवर की थकान और लापरवाही के कारण होते हैं।-----------------------