कोटा लाइसेंस बहाली के खिलाफ जनहित याचिका दायर करने पर कोर्ट ने लगाई फटकार, याचिका खारिज
कोटा लाइसेंस बहाली के खिलाफ जनहित याचिका दायर करने पर कोर्ट ने लगाई फटकार, याचिका खारिज
प्रयागराज, 14 अक्टूबर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने महराजगंज के उचित दर दुकान के मामले में जनहित याचिका दायर करने वाले याची को कड़ी चेतावनी देकर याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि याची ने आदेश के साथ छेड़छाड़ की और पूरा आदेश छिपाया, जो स्वीकार्य नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने गिरिजा शंकर की याचिका पर यह आदेश दिया। याची ने कहा था कि ग्राम पंचायत बड़हरा, ब्लॉक व तहसील सदर, जिला महराजगंज की उचित दर दुकान में ग्रामीणों में आवश्यक वस्तुओं के वितरण में अनियमितता है। शिकायत पर जांच के बाद जिला पूर्ति अधिकारी महराजगंज ने 27 फरवरी 2026 को लाइसेंस निलंबित किया था, लेकिन 19 मई 2026 को लाइसेंस बहाल कर दिया गया। इसी बहाली के आदेश को चुनौती देते हुए याची ने प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कमेटी बनाकर जांच की मांग की थी।
राज्य सरकार की ओर से याचिका की पोषणीयता पर सवाल उठाया और कहा कि याची ने 19 मई 2026 के आदेश के अंतिम पन्ने में छेड़छाड़ की है और पूरा आदेश छिपाया है, प्राधिकारी द्वारा पारित मूल आदेश कोर्ट के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने कहा कि उचित दर दुकान के लाइसेंस धारक को चेतावनी देकर जमानत राशि जब्त कर लाइसेंस बहाल करने के आदेश को जनहित याचिका के जरिए चुनौती देने का याची को कोई अधिकार नहीं है। यदि कोई शिकायत है तो पीड़ित व्यक्ति वैधानिक अपील दायर कर सकता है।