वाराणसी नगर निगम ने नोटिस के बाद भी किराया न देने पर विशेश्वरगंज में दुकान किया सील
-लंबे समय 81, 687 रुपए किराया बाकी, जमा करने में दुकानदार कर रहा था हीलाहवाली
वाराणसी, 16 फरवरी । उत्तर प्रदेश के वाराणसी नगर निगम ने राजस्व वसूली को लेकर सख्त रूख अपनाया है। गृहकर और जलकर के साथ-साथ दुकानों के किराये की वसूली के लिए भी निगम की टीमें सक्रिय हो गई हैं। वसूली के लिए दुकानदारों को नोटिस देने के साथ ही अब तालाबंदी की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
सोमवार को निगम ने विशेश्वरगंज (बाड़ा नंबर एक व दो ) में संजय कुमार, सुशील कुमार के नाम से आवंटित दुकान काे सील कर दिया गया । इस दुकान पर लंबे समय 81, 687 रुपये किराया बाकी है।
सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव ने बताया कि शहर में नगर निगम की करीब 1800 दुकानें हैं। सभी दुकानदारों को समय से किराया जमा करने के लिए पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं, इसके बावजूद कुछ दुकानदार लगातार हीलाहवाली कर रहे हैं। इसे देखते हुए पिछले दिनों मलदहिया, विशेश्वरगंज, दलहट्टा और नया चौक क्षेत्रों में कुल दस दुकानों पर तालाबंदी की गई थी। सीलिंग की कार्रवाई होते ही इन दुकानदारों ने बकाया किराया 35,38,034 रुपये जमा कर दिया। इसके बाद इन दुकानों की सील खोल दी है। इस क्रम में सोमवार को नायब तहसीलदार शेषनाथ यादव के नेतृत्व में कार्रवाई की गई है। अपर नगर आयुक्त के अनुसार सख्ती का सकारात्मक असर राजस्व पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो दुकान के किराये की वसूली में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में जहां महज 80 लाख रुपये की वसूली हुई थी। वहीं, 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 2.72 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 4.37 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं। इस प्रकार बीते तीन वर्षों में निगम की किराया वसूली करीब साढ़े पांच गुना तक बढ़ गई है। विभाग ने इस वित्तीय वर्ष के अंत तक कुल छह करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य रखा है।