शहीदों की वेशभूषा में सजे छात्रों ने भरा जोश: बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में धूमधाम से मनी चंद्रशेखर आजाद व तिलक जयंती

शहीदों की वेशभूषा में सजे छात्रों ने भरा जोश: बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में धूमधाम से मनी चंद्रशेखर आजाद व तिलक जयंती

शहीदों की वेशभूषा में सजे छात्रों ने भरा जोश: बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में धूमधाम से मनी चंद्रशेखर आजाद व तिलक जयंती

कानपुर में एक हृदयस्पर्शी क्षण: बेनाझाबर स्थित बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में आयोजित चंद्रशेखर आजाद एवं लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जयंती समारोह के दौरान, छात्र (बाएं से दाएं) इन महान स्वतंत्रता सेनानियों की वेशभूषा धारण कर कार्यक्रम में सक्रिय रूप से हिस्सा लेते हुए। यह छायाचित्र उनकी देशभक्ति और इन वीरों के प्रति श्रद्धा का सुंदर प्रतीक है।

कानपुर, 23 जुलाई (हि.स.)। स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायकों, महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद और 'लोकमान्य' की उपाधि से विभूषित बाल गंगाधर तिलक की जयंती के पावन अवसर पर, कानपुर के बेनाझाबर स्थित प्रतिष्ठित बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में मंगलवार को एक भव्य और प्रेरणादायी उत्सव का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बड़े धूमधाम और देशभक्ति के जोश के साथ मनाया गया, जिसमें छात्रों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

विद्यालय का वातावरण देशभक्ति के नारों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंज उठा, जो इन महान नेताओं के त्याग और बलिदान को समर्पित थीं। छात्रों ने चंद्रशेखर आजाद और लोकमान्य तिलक के जीवन से जुड़ी घटनाओं को नाटक, कविता पाठ और भाषणों के माध्यम से जीवंत किया। कई छात्रों ने इन महापुरुषों की वेशभूषा धारण कर उनके आदर्शों को प्रस्तुत करने का प्रयास किया, जैसा कि छायाचित्र में देखा जा सकता है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और विद्यालय के प्रधानाचार्य बृजमोहन कुमार सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि चंद्रशेखर आजाद और लोकमान्य तिलक जैसे महापुरुषों का जीवन हमारे लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने बच्चों का आह्वान किया कि वे इन आदर्शों का अनुसरण करते हुए अपने जीवन में सत्य, ईमानदारी और राष्ट्रभक्ति के पथ पर चलें। प्रधानाचार्य ने जोर देकर कहा कि इन मूल्यों को अपनाकर ही हम एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने छात्रों को बताया कि इन महान विभूतियों ने किस प्रकार अपने जीवन का प्रत्येक क्षण देश की आजादी और समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया था, और हमें भी उनके दिखाए मार्ग पर चलकर एक बेहतर भविष्य का निर्माण करना चाहिए। इस जयंती उत्सव का उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से परिचित कराना तथा उनमें राष्ट्रीय चेतना और नैतिक मूल्यों का संचार करना था।