ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में रिफ्रेशर कोर्स का हुआ समापन, 18 राज्यों से आए शिक्षकों की रही सहभागिता

--भविष्य के लिए तैयार हुए 18 राज्यों से जुड़े महाविद्यालयों के अध्यापक

ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में रिफ्रेशर कोर्स का हुआ समापन, 18 राज्यों से आए शिक्षकों की रही सहभागिता

प्रयागराज, 03 फरवरी। ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में 19 जनवरी से चल रहे मदन मोहन मालवीय टीचर ट्रेनिंग सेंटर के अंतर्गत इंटर डिसिप्लिनरी रिफ्रेशर कोर्स ऑन फ्यूचर रेडी फैकल्टी का समापन आज हुआ। इस रिफ्रेशर कोर्स में भारत के लगभग 18 विभिन्न राज्यों से आए शिक्षकों ने सहभागिता की।

महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ मनोज कुमार दूबे ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को अनुभवी विद्वानों द्वारा निरंतर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण में विभिन्न शिक्षण तकनीकें, शिक्षण से जुड़ी चुनौतियां, नवाचारी शिक्षण विधियां, नवाचारी शोध तकनीकें, ए.आई. टूल्स के उपयोग एवं उनकी सीमाएं, शोध एवं प्रकाशन से सम्बंधित टूल्स जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतिम दिन मंगलवार को समापन सत्र की शुरुआत प्रशिक्षणार्थियों के प्रस्तुतीकरण से हुई। जिसमें विभिन्न विषयों से सम्बंधित लगभग 187 प्रतिभागियों ने प्रस्तुति दी। प्रस्तुत किए गए विषयों में फैकल्टी डेवलपमेंट, योग, स्मृति एवं विस्मरण, संविधान की अवधारणा, मार्केटिंग, आर्थिक समस्याएं, पोषण, भौगोलिक समस्याएं, भारत में गरीबी-प्रकार एवं कारण आदि प्रमुख रहे। इस सत्र में मूल्यांकन कर्ता के रूप में डॉ. अन्नपूर्णा गुप्ता (सहायक आचार्य, सीनियर ग्रेड, एस.वी.पी.सी. कॉलेज, भभुआ, कैमूर) उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक डॉ. विवेकानंद त्रिपाठी एवं सहायक कार्यक्रम संयोजक डॉ. अंजना श्रीवास्तव ने किया।

द्वितीय सत्र के वक्ता के रूप में प्रोफेसर शिवम श्रीवास्तव (प्राचार्य, एम.एम.पी.जी. कॉलेज, कालाकांकर, प्रतापगढ़) ने “उच्च शिक्षा में शिक्षण एवं मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार हेतु कक्षा-आधारित शोध (एक्शन रिसर्च, रिफ्लेक्टिव इन्क्वायरी) का उपयोग” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। अंतिम सत्र में मुख्य अतिथि प्रोफेसर शिवम श्रीवास्तव तथा अध्यक्षता प्राचार्य एवं एफ.डी.सी सेंटर के निदेशक प्रो आनंद शंकर सिंह ने किया।

इस अवसर पर प्राचार्य ने देश के विभिन्न भागों से आए प्रतिभागियों को बधाई दी। सेंटर के सहायक निदेशक डॉ. मनोज कुमार दुबे ने भी प्रतिभागियों को कार्यक्रम के कुशलतापूर्वक सम्पन्न होने पर शुभकामनाएं दीं तथा कार्यक्रम के संचालकों के प्रयासों की सराहना की। वैलिडेक्टरी सत्र में डॉ. अंजना श्रीवास्तव ने 12 दिवसीय रिफ्रेशर कार्यक्रम की संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा अंत में डॉ. विवेकानंद त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।