मुरादाबाद में धान खरीद ने पकड़ी रफ्तार: 19452 टन खरीद पूरी, किसानों को 85% तक भुगतान

मुरादाबाद में धान खरीद ने पकड़ी रफ्तार: 19452 टन खरीद पूरी, किसानों को 85% तक भुगतान

मुरादाबाद में धान खरीद ने पकड़ी रफ्तार: 19452 टन खरीद पूरी, किसानों को 85% तक भुगतान

जैसे-जैसे सर्दी बढ़ रही है, मुरादाबाद जिले के किसान खरीद केंद्रों पर अपनी मेहनत का फल बेचने पहुंच रहे हैं। जिले में धान खरीद की प्रक्रिया में अब तेजी आ गई है, और प्रशासन लगातार यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसानों को न केवल सही दाम मिले, बल्कि भुगतान भी समय पर हो।

हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार, मुरादाबाद जनपद में सरकारी खरीद केंद्रों के माध्यम से अब तक 19,452 टन धान की खरीद सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है।

लक्ष्य का 18% हुआ हासिल

धान खरीद की यह गति जिला प्रशासन के लिए उत्साहजनक है, लेकिन सफर अभी लंबा है। जिले को शासन की ओर से इस सीजन में कुल एक लाख तीन हजार टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

फिलहाल, 19,452 टन की खरीद के साथ, मुरादाबाद ने अपने निर्धारित लक्ष्य का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा हासिल कर लिया है। डिप्टी आरएमओ (क्षेत्रीय विपणन अधिकारी) विनीता मिश्रा ने शुक्रवार को इस प्रगति की जानकारी दी।

किसानों के खातों में पहुंचा 85% भुगतान

सरकारी खरीद का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) समय पर मिल सके। इस दिशा में मुरादाबाद प्रशासन ने बेहतरीन काम किया है।

खरीदे गए कुल धान के सापेक्ष, किसानों को अब तक 85 प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है। यह तेजी किसानों को भारी राहत दे रही है और उन्हें अगले सीजन की तैयारी के लिए आर्थिक बल प्रदान कर रही है।

खरीद केंद्रों से मिलों तक धान की सप्लाई

खरीद प्रक्रिया केवल धान लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे सुरक्षित रूप से राइस मिलों तक पहुंचाना भी महत्वपूर्ण है। प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, खरीदे गए धान में से 52 प्रतिशत धान संबंधित राइस मिलों को भेजा जा चुका है, जिससे सप्लाई चेन सुचारू रूप से काम कर रही है।

प्रशासन सख्त, लापरवाही बर्दाश्त नहीं

खरीद की गति को बढ़ाने और लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए डिप्टी आरएमओ विनीता मिश्रा ने सभी संबंधित संस्थाओं को सक्रिय रूप से काम करने की हिदायत दी है।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि धान खरीद प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि खरीद में किसी भी प्रकार की देरी या अनियमितता पाई जाती है, तो कोई भी जिम्मेदार बख्शा नहीं जाएगा।

इसके अतिरिक्त, राइस मिलों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों की सुविधा पर विशेष ध्यान दें। उन्हें प्रतिदिन टोकन रजिस्टर को दुरुस्त रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी तरह की परेशानी न हो।

मुरादाबाद जिला प्रशासन लगातार खरीद केंद्रों की निगरानी कर रहा है ताकि इस महत्वपूर्ण लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके और जिले के सभी पंजीकृत किसानों को लाभ पहुंचाया जा सके।