गोरखपुर के ‘कर्मयोगी’ को राष्ट्रीय सम्मान, मिलेंगे CM धामी!

अभाविप के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में श्रीकृष्ण पाण्डेय ‘आजाद’ को मिलेगा प्रा. यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार

गोरखपुर के ‘कर्मयोगी’ को राष्ट्रीय सम्मान, मिलेंगे CM धामी!

देहरादून: 22 नवंबर। राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों और समाज के बीच सक्रिय रहने वाले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का 71वां राष्ट्रीय अधिवेशन इस वर्ष देवभूमि उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित होने जा रहा है। इस भव्य आयोजन के दौरान, वर्ष 1991 से प्रतिवर्ष प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित प्राध्यापक यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार के विजेता की घोषणा की गई है।

इस बार यह गौरव गोरखपुर के सामाजिक उद्यमी श्रीकृष्ण पाण्डेय ‘आजाद’ को प्राप्त हुआ है। उनका चयन समाज के उत्थान के लिए किए गए अभूतपूर्व कार्यों के कारण किया गया है। उन्हें यह पुरस्कार 30 नवंबर को अधिवेशन के अंतिम दिन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदान किया जाएगा।

भगवान बिरसा मुंडा नगर में जुटेंगे देशभर के प्रतिनिधि

अभाविप का यह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अधिवेशन 28 से 30 नवंबर तक देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में अस्थायी रूप से स्थापित किए जा रहे ‘भगवान बिरसा मुंडा नगर’ में आयोजित होगा। यह अधिवेशन सिर्फ संगठनात्मक चर्चाओं का मंच नहीं होगा, बल्कि उन युवाओं के सेवा कार्यों को भी मंच प्रदान करेगा, जो राष्ट्र निर्माण में जुटे हैं।

कौन थे प्रा. यशवंतराव केलकर?

प्रा. यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार का भारतीय सामाजिक क्षेत्र में एक विशेष स्थान है। यह पुरस्कार अभाविप के वास्तविक ‘शिल्पकार’ माने जाने वाले प्राध्यापक यशवंतराव केलकर की स्मृति में दिया जाता है। उन्होंने अभाविप के कार्यविस्तार और संगठन को विशाल स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

अभाविप और विद्यार्थी निधि न्यास की संयुक्त पहल से दिया जाने वाला यह पुरस्कार शिक्षा, समाज, पर्यावरण और विज्ञान जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करता है। इस पुरस्कार के तहत विजेता को एक लाख रुपये की राशि, प्रमाण-पत्र तथा स्मृति-चिह्न प्रदान किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में सामाजिक उद्यमशीलता और सेवा-भाव को विकसित करना है।

गोरखपुर के ‘स्माइल रोटी बैंक’ के अध्यक्ष का उत्कृष्ट योगदान

इस वर्ष जिस कर्मयोगी को यह सम्मान प्राप्त हो रहा है, उनका सामाजिक कार्य किसी प्रेरणा से कम नहीं है। श्रीकृष्ण पाण्डेय ‘आजाद’, जो ‘स्माइल रोटी बैंक फाउंडेशन’ के अध्यक्ष हैं, पिछले कई वर्षों से गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में निस्वार्थ सेवा में लगे हुए हैं।

उनके प्रमुख सेवा कार्य:

  1. निराश्रित मनोरोगियों की सेवा: आजाद और उनकी टीम 2,000 से अधिक निराश्रित मनोरोगियों को चिकित्सा, दवा और पुनर्वास सहायता प्रदान करती है।
  2. पुनर्वास और सुधार कार्य: उन्होंने कारागारों में बंदियों के पुनर्वास, बाल भिक्षावृत्ति के उन्मूलन और नशामुक्ति अभियानों में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।
  3. पर्यावरण और स्वच्छता: इसके अतिरिक्त, वे नियमित रूप से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाते हैं।
  4. पुनर्वास केंद्र: आजाद दो पुनर्वास केंद्रों का सफलतापूर्वक संचालन भी कर रहे हैं, जिससे कई बच्चों और युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।

अपने इस उल्लेखनीय सामाजिक योगदान के लिए, श्रीकृष्ण पाण्डेय ‘आजाद’ को उत्तर प्रदेश सरकार सहित विभिन्न संस्थाओं द्वारा पहले भी सम्मानित किया जा चुका है।

30 नवंबर को मिलेगा सम्मान

यह राष्ट्रीय पुरस्कार 30 नवंबर को अभाविप के राष्ट्रीय अधिवेशन के अंतिम दिन प्रदान किया जाएगा। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और श्रीकृष्ण पाण्डेय ‘आजाद’ को यह प्रतिष्ठित सम्मान सौंपेंगे।

यह पुरस्कार न केवल श्रीकृष्ण पाण्डेय के अथक परिश्रम को मान्यता देता है, बल्कि देश के उन सभी युवाओं के लिए एक प्रेरणा भी है जो समाज को बेहतर बनाने के लिए मौन रहकर कार्य कर रहे हैं।