गोरखपुर में वरिष्ठजनों के सम्मान की अनूठी पहल, युवा चेतना समिति कराएगी ‘पितामह सम्मेलन एवं सम्मान समारोह’
--बुजुर्गों के अनुभव, संघर्ष और सुझावों को संकलित कर शासन तक भेजा जाएगा प्रतिवेदन --30 मई तक नागरिकों से वरिष्ठजनों की जानकारी उपलब्ध कराने की अपील
गोरखपुर, 24 अप्रैल । समाज की स्मृतियों, संस्कारों और अनुभवों को सम्मान देने की दिशा में युवा चेतना समिति, गोरखपुर ने एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल की है। समिति की ओर से वर्ष 2026 में ‘पितामह सम्मेलन एवं सम्मान समारोह’ आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य समाज के उन वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपने जीवन के लम्बे सफर में संघर्ष, साधना, अनुभव और सेवा के माध्यम से समाज को दिशा देने का कार्य किया है।
युवा चेतना समिति द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि बुजुर्ग केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की जीवित धरोहर हैं। उनके अनुभवों में समय का तप, जीवन का सत्य, संस्कृति की चेतना और समाज के लिए मार्गदर्शन का अमूल्य प्रकाश छिपा होता है। इसी भावना के साथ यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, ताकि वरिष्ठजनों की समस्याओं, आवश्यकताओं, अपेक्षाओं और जीवन-परिस्थितियों को गंभीरता से समझा जा सके।
समिति का कहना है कि यह आयोजन केवल सम्मान समारोह भर नहीं होगा, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों के जीवन से जुड़े विविध पहलुओं पर सार्थक संवाद का मंच बनेगा। सम्मेलन में उन बुजुर्गों से विशेष बातचीत की जाएगी, जो अधिक आयु में भी सक्रिय, स्वस्थ, संतुलित और प्रसन्न जीवन जी रहे हैं। उनसे यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि दीर्घायु, स्वास्थ्य और संतोषपूर्ण जीवन का रहस्य क्या है। उनके अनुभव समाज के अन्य बुजुर्गों के लिए प्रेरणा बन सकें, यही इस आयोजन की मूल भावना है।
कार्यक्रम में वरिष्ठजनों से प्राप्त सुझावों, अनुभवों और विचारों को संकलित कर एक सुविचारित प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। इस प्रतिवेदन को शासन तक भेजा जाएगा, ताकि वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सहभागिता और सुखद जीवन से जुड़े विषयों पर नीति-निर्माण में उपयोगी पहल हो सके। समिति ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने परिवार, पड़ोस, मोहल्ले या क्षेत्र में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की जानकारी समिति को उपलब्ध कराएं। समिति ने स्पष्ट किया है कि 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुष वरिष्ठ नागरिकों तथा 75 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला वरिष्ठ नागरिकों का नाम, आयु, पता और संपर्क विवरण आगामी 30 मई तक समिति को भेजा जा सकता है। समिति इन वरिष्ठजनों से संपर्क कर उन्हें सम्मानपूर्वक सम्मेलन में आमंत्रित करेगी।
समिति का मानना है कि वर्तमान समय में परिवार और समाज दोनों स्तरों पर बुजुर्गों के प्रति संवेदना, सम्मान और जिम्मेदारी को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। बदलते सामाजिक परिवेश में जहां संयुक्त परिवारों की परम्परा कमजोर हो रही है, वहीं वरिष्ठ नागरिकों की समस्याएं भी नई गंभीरता के साथ सामने आ रही हैं। ऐसे समय में इस प्रकार का आयोजन समाज को यह संदेश देगा कि बुजुर्ग उपेक्षा के पात्र नहीं, बल्कि सम्मान, संवाद और संरक्षण के अधिकारी हैं।
कार्यक्रम के संयोजक एवं युवा चेतना समिति के अध्यक्ष मान्धाता सिंह ने कहा कि बुजुर्ग किसी भी समाज की जड़ों की तरह होते हैं। यदि जड़ें मजबूत रहेंगी, तभी समाज का वृक्ष हरा-भरा रहेगा। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि इस पुनीत अभियान में सहयोग करें और अपने आसपास के वरिष्ठजनों की जानकारी समिति तक अवश्य पहुंचाएं। समिति ने विश्वास जताया है कि जनसहयोग से यह आयोजन न केवल वरिष्ठजनों के सम्मान का पर्व बनेगा, बल्कि समाज में नई पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी के बीच संवाद, संवेदना और संस्कार का सेतु भी स्थापित करेगा।