ईश्वर के स्मरण से ही मिलता इंसान को जीवन का परम लाभ : आचार्य राघव जी महाराज
ईश्वर के स्मरण से ही मिलता इंसान को जीवन का परम लाभ : आचार्य राघव जी महाराज
फतेहपुर, 13 नवंबर । उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में गुरुवार को पूर्व शिक्षक विधायक लवकुश कुमार मिश्रा के आवास पर भागवत कथा पुराण में गुरुवार को सच्चा बाबा आश्रम प्रयागराज से पधारे आचार्य राघव जी महाराज ने कहा कि जीव रूपी इंसान को जीवन का परम लाभ अंत में ईश्वर के स्मरण से ही मिलता है।
अमौली विकासखंड के बंथरा गांव में आयोजित सात दिवसीय ज्ञान व भक्तिमय श्रीमद् भागवत कथा पुराण के दूसरे दिन परीक्षित जी के जन्म एवं उनके जीवन लीला की कथा कही। आचार्य राघव जी महाराज ने कहा कि परीक्षित की पीतामही माता कुंती ने परमात्मा से दुख की याचना की, क्योंकि मनुष्य के जीवन में सुख के बजाय दुख का समय अच्छा होता है। उन्हाेंने कहा कि दुख के समय निरंतर परमात्मा का चिंतन बना रहता है।
आचार्य ने श्रोताओं से कहा कि जन्म लाभ: पर: पुसो अंते नारायण स्मृति: अर्थात जीवन का परम लाभ अंत में परमात्मा का स्मरण ही है। जीवन का मार्ग प्रशस्ति करने के लिए ईश्वर की भक्ति करना अति आवश्यक है।
कथा व्यास आचार्य राघव जी महाराज ने भगवान के 26 अवतारों पर व्याख्यान देते हुए विस्तृत चर्चा की। महाराज जी ने कपिलोपाख्यान की कथाएं कहकर दूसरे दिवस की श्रीमद् भागवत कथा को विराम दिया।-------------