लखनऊ की गार्गी नृत्य कला में रोशन कर रहीं नाम, राष्ट्रीय स्तर समेत 350 पुरस्कार जीत कर बनाया रिकार्ड

लखनऊ की गार्गी नृत्य कला में रोशन कर रहीं नाम, राष्ट्रीय स्तर समेत 350 पुरस्कार जीत कर बनाया रिकार्ड

लखनऊ की गार्गी नृत्य कला में रोशन कर रहीं नाम, राष्ट्रीय स्तर समेत 350 पुरस्कार जीत कर बनाया रिकार्ड

लखनऊ, 13 नवंबर । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रतिभावान लोगों की कोई कमी नहीं है। सफलता की कड़ी में नन्हीं गार्गी ने नृत्य कला में अपना लोहा मनवाते हुए राजधानी का नाम रोशन किया है। राष्ट्रीय स्तर से लेकर विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेते हुए गार्गी अब तक लगभग 350 पुरस्कार जीत चुकी है और उसका यह सिलसिला जारी है।

इंदिरा नगर सीएमएस में कक्षा दो की छात्रा गार्गी द्विवेदी इन दिनों नृत्य कला में सुर्खियां बटोर रही हैं। गार्गी के पिता अम्बरीष द्विवेदी आईटी इंजीनियर हैं और मां ऋचा द्विवेदी गृहणी। उनकी देखरेख में लगातार गार्गी नृत्य कला की बुलंदियों को छू रही है।

मां ऋचा द्विवेदी ने हिन्दुस्थान समाचार से गुरुवार को बात करते हुए बताया कि बेटी गार्गी ने तीन साल से संगीत नाटक अकादमी से नृत्य कला के गुर सीख रही है। अकादमी की गुरू डॉ. मंजु मल्कानी और श्रुति के मार्गदर्शन में वह नृत्य की शिक्षा प्राप्त कर रही हैं और लगातार विभिन्न प्रतियोगिताओं में भी भाग लेकर बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं।

गार्गी ने शास्त्रीय नृत्य वर्ग में दो बार राज्य स्तरीय स्वर्ण पदक अर्जित किए हैं। हाल ही में गार्गी लुलु फनटुरा लिटिल सुपर स्टार सीजन–3 में रनरअप का खिताब जीता है और अब तक विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेते हुए 350 से अधिक पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि बेटी गार्गी ने अपनी उपलब्धियों की इस गौरवपूर्ण यात्रा में एक और अध्याय जोड़ते हुए,“उत्तर प्रदेश लोक गीत, नाट्य, नृत्य, गाथा, चित्रकला एवं परिधान प्रतियोगिता” में राष्ट्रीय पुरस्कार (लोकगीत श्रेणी–जूनियर वर्ग) प्राप्त किया है। यह प्रतियोगिता भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा व्यानजना आर्ट एंड कल्चरल सोसाइटी के सहयोग से प्रयागराज संगीत समिति की ओर से जनपद प्रयागराज में आयोजित की गई थी।

इसी तरह प्रेरणा परिवार की ओर से आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम में राजभवन, लखनऊ में प्रस्तुति देने और सम्मानित होने का अवसर भी गार्गी को प्राप्त हुआ। इस गरिमामयी अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि थीं तथा अपर्णा यादव (उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश महिला आयोग) विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थीं।

मां ऋचा ने बताया कि इसके अतिरिक्त, गार्गी ने शौर्य महोत्सव में भी अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। यह कार्यक्रम पूर्व सैनिकों के सम्मान के लिए समर्पित था। इस अवसर पर उनके प्रदर्शन की सराहना पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं वर्तमान राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, डॉ. रीता बहुगुणा जोशी (सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व सांसद), लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, ई. अवधेश सिंह (एमएलसी) और एमएलसी पवन सिंह चौहान सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गार्गी को महापौर सुषमा खर्कवाल ने सम्मानित किया, जो उनकी कलात्मक यात्रा का एक और गौरवपूर्ण क्षण रहा।

उन्होंने बताया कि गार्गी के उत्कृष्ट कथक नृत्य प्रदर्शन पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। गार्गी ने अपनी कला से अनेक प्रतिष्ठित सांस्कृतिक उत्सवों एवं महोत्सवों की शोभा बढ़ाई है, जिनमें प्रमुख रुप से अयोध्या महोत्सव, गोंडा अवध महोत्सव, लखनऊ महोत्सव एवं सेवा शिखर सम्मान शामिल हैं। ऋचा ने बताया कि पहले लोग उन्हें द्विवेदी बहू के नाम से पुकारते थे लेकिन बेटी गार्गी की इन उपलब्धियों के चलते उन्हें लोग और रिश्तेदार गार्गी की मां के नाम से जानने लगे हैं।

मां ने बताया कि गार्गी 14 नवंबर को भी गौरैया सांस्कृति संस्थान की ओर से लोहिया पार्क में आयोजित गौरैया संस्कृति महोत्सव 2025 में भी प्रभु राम पर आ​धारित नृत्य नाटिका में प्रतिभाग करने वाली है।