यूपीटीईटी के लिए ऑनलाइन आवेदन 27 से, परीक्षा 2, 3, 4 जुलाई को
--पांच वर्ष बाद यूपी में होने जा रही टेट परीक्षा --वन टाइम रजिस्ट्रेशन के बाद अभ्यर्थी कर सकेंगे आवेदन --30 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के आवेदन की सम्भावना
प्रयागराज, 20 मार्च । पांच वर्ष बाद उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)- 2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण, आवेदन और शुल्क ऑनलाइन 27 मार्च से लिया जाएगा। जबकि परीक्षा 2, 3 और चार जुलाई को आयोजित है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयागराज पहली बार यूपीटीईटी कराने जा रहा है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयागराज के उप सचिव संजय कुमार सिंह ने यूपी टीईटी के आनलाइन आवेदन सहित अन्य के बारे में बताया कि यह परीक्षा प्राथमिक स्तर (कक्षा एक से पांच तक) और उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा छह से आठ तक) होने जा रही है। उन्होंने बताया कि यूपीटीईटी में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) की व्यवस्था की गयी है। ऐसे में ओटीआर पूर्ण करने के पश्चात ही अभ्यर्थी शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 के लिए आनलाइन आवेदन कर सकते है। आवेदन के लिए अभ्यर्थी विस्तृत जानकारी आयोग की वेबसाइट https:/uptet-upessc-org /otr/info लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते है। उप सचिव ने बताया कि यूपीटीईटी के लिए आनलाइन पंजीकरण, आवेदन और शुल्क 27 मार्च से शुरू होगा जबकि आनलाइन पंजीकरण, आवेदन और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 26 अप्रैल है। आवेदन पत्र में संशोधन व शुल्क समाधान एक मई तक होगा। परीक्षा तीन कार्य दिवसों दो, तीन और चार जुलाई को होगी।
उपसचिव ने कहा कि यूपीटीईटी पांच वर्ष बाद होने जा रही है, ऐसे में 30 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के आनलाइन आवेदन की सम्भावना है। क्योकि टीईटी 2021 में करीब 23 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। ऐसे में सम्भावना है कि टीईटी 2026 में 30 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होगे।
--आठ वर्ष से बेसिक शिक्षा में भर्ती नही, एक लाख पद रिक्त--शिक्षक भर्ती को लेकर शासन की मंशा साफ नही: डॉ हरिप्रकाश यादव
प्रयागराज। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में वर्ष 2018 के बाद शिक्षक भर्ती नही हुई है। इससे बेसिक शिक्षा में एक लाख से अधिक पद रिक्त हैं। शासन और बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की कार्य प्रणाली से शिक्षक भर्ती की दूर-दूर तक सम्भावना नहीं है। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने सदन में बेसिक के शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का आंकड़ा प्रस्तुत करते हुए कहा था कि शिक्षकों के पद रिक्त नहीं हैं। जबकि वरिष्ठ शिक्षक नेता डॉ हरि प्रकाश यादव का कहना है कि शिक्षक भर्ती को लेकर शासन की मंशा साफ नही है, जिससे बेसिक में शिक्षकों के लाखों पद रिक्त हैं। डॉ हरिप्रकाश यादव ने बताया कि बेसिक शिक्षा में वर्ष 2018 में 69500 शिक्षक भर्ती हुई थी, यह जो भर्ती हुई थी वह पहले के पद थे लेकिन वर्ष 2018 के बाद प्रतिवर्ष 10 हजार से ज्यादा बेसिक के शिक्षकों के पद रिक्त हुए हैं। उन पर भर्ती नहीं हुई है। ऐसे में शिक्षकों की कमी के चलते परिषदीय विद्यालयों को संविलियन किया जा रहा है। इससे जहां छात्र-छात्राओं को पढ़ने में परेशानी हो रही है वहीं शिक्षक और प्रधानाचार्यांे के पद खत्म होते जा रहे हैं।