बिजनौर में गुलदार का खौफनाक हमला: खेत में चारा काट रही महिला गंभीर रूप से घायल, इलाके में दहशत का माहौल
बिजनौर में गुलदार का खौफनाक हमला: खेत में चारा काट रही महिला गंभीर रूप से घायल, इलाके में दहशत का माहौल
बिजनौर, 15 जुलाई बिजनौर जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक और हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां के हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के पिलाना गांव में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब पशुओं के लिए चारा लेने खेत गई एक महिला पर खूंखार गुलदार ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीण वन विभाग से नरभक्षी होते जा रहे गुलदारों पर लगाम लगाने की गुहार लगा रहे हैं।
हमले का विस्तृत विवरण: प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिलाना गांव निवासी मोहम्मद शाहिद अपनी पत्नी किशवरी खातून के साथ मंगलवार सुबह अपने खेतों की ओर गए थे। पशुधन के लिए घास काटने की दैनिक गतिविधि के तहत, जब किशवरी खातून एक जगह पर घास काट रही थीं, तभी समीप जंगल से निकलकर आए एक विशाल गुलदार ने उन्हें बिल्कुल पीछे से निशाना बनाया। अचानक हुए इस हमले से पहले महिला को संभलने का मौका ही नहीं मिला। खूंखार गुलदार ने बार-बार उसके गले और शरीर के अन्य हिस्सों पर अपने नुकीले पंजों और तेज दांतों से हमला किया, जिससे वह लहूलुहान हो गईं।
पति ने बचाई जान: महिला की चीख सुनकर पास में ही घास काट रहे उनके पति मोहम्मद शाहिद फौरन मौके पर पहुंचे और अपनी जान की परवाह किए बिना जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। पति के अथक प्रयासों और शोर-शराबे के कारण, गुलदार सहम गया और मजबूरन महिला को छोड़कर घने जंगल की ओर भाग निकला। मोहम्मद शाहिद के सूझबूझ और बहादुरी ने अपनी पत्नी को और अधिक गंभीर चोटों से बचा लिया, अन्यथा परिणाम और भी भयावह हो सकते थे।
घायल महिला का उपचार जारी: हमले के बाद तत्काल गंभीर रूप से घायल किशवरी को उनके पति और अन्य ग्रामीणों की मदद से हल्दौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद, चिकित्सकों ने महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत बिजनौर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अंतिम जानकारी मिलने तक महिला का इलाज जारी था और उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई थी।
वन विभाग और पुलिस का एक्शन: इस दर्दनाक घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वन विभाग हरकत में आ गया। थाना पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि घायल महिला को उपचार दिया जा रहा है। सूचना के आधार पर, वन विभाग की एक टीम तत्काल गांव पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। विभाग ने आदमखोर होते जा रहे गुलदार को पकड़ने के लिए घटनास्थल के आसपास और संभावित छिपने के स्थानों पर पिंजरे लगवा दिए हैं।
ग्रामीणों में भय और आक्रोश: इस घटना के बाद से गांव पिलाना और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण अपने खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं और शाम होते ही घरों में दुबक जा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि ऐसे वन्यजीवों पर लगाम लगाई जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, क्योंकि खेतों में काम करने वाले लोग लगातार खतरे में हैं। उन्होंने विभाग से शीघ्र ही गुलदार को पकड़ने और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने का आग्रह किया है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती चिंता: उल्लेखनीय है कि बिजनौर जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। जंगलों के सिकुड़ने, आबादी के विस्तार और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में कमी के कारण वे अक्सर भोजन और पानी की तलाश में मानव बस्तियों की ओर आ जाते हैं, जिससे ऐसे हमले बढ़ जाते हैं। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए स्थायी कदम उठाने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और मानव तथा वन्यजीवों के बीच एक संतुलन स्थापित किया जा सके। लोगों को भी ऐसे क्षेत्रों में अकेले जाने से बचने और अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।