उम्रकैद की सजा भुगत रहे हत्यारोपित की हाइकोर्ट से जमानत मंजूर

-सजा निलम्बित, 50 फीसदी जुर्माना जमा करने का निर्देश

उम्रकैद की सजा भुगत रहे हत्यारोपित की हाइकोर्ट से जमानत मंजूर

प्रयागराज, 03 नवंबर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सात साल से अधिक दिन की अभिरक्षा में रह चुके उम्रकैद की सजा भुगत रहे हत्यारोपित अबुलास उर्फ अबुल आस की जमानत मंजूर कर ली है। साथ ही सजा निलम्बित करते हुए 50 फीसदी जुर्माना राशि जमा करने का निर्देश दिया है। शेष राशि की वसूली पर रोक लगा दी है।

यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ तथा न्यायमूर्ति नलिन कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने अपीलार्थी के अधिवक्ता आनंद त्रिपाठी को सुनकर दिया है। मालूम हो कि अपर सत्र अदालत आजमगढ़ ने याची को उम्रकैद व 25 हजार जुर्माना सहित विभिन्न अपराधों में सजाएं दी है। जिसे अपील में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने कहा कि याची ने सात साल से अधिक सजा भुगत ली है। अपील शीघ्र सुने जाने की उम्मीद नहीं है। यदि सजा निलम्बित नहीं की गई तो अपील अर्थहीन हो जायेगी।

अपील में दाखिल पहली जमानत व सजा निलम्बित करने की अर्जी 7 जून 22 को खारिज कर दी गई थी। जिस पर यह दूसरी अर्जी दाखिल की गई थी। याची के अधिवक्ता आनंद त्रिपाठी का कहना था कि अभियुक्त घटना के समय 18 साल का था, अब उसकी आयु 25 साल की है। सात साल से अधिक समय तक अभिरक्षा में रहा है। ट्रायल कोर्ट के विचारण में पूरा सहयोग किया और जमानत का कभी दुरुपयोग नहीं किया। इस पर कोर्ट ने निजी मुचलके और दो प्रतिभूति लेकर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।