गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर अपनी शक्ति का कर रहे दुरूपयोग : हाईकोर्ट

--पिछले एक हफ्ते में अवैध निरूद्धि आदेश की मांगी सूची, न देने पर कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश

गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर अपनी शक्ति का कर रहे दुरूपयोग : हाईकोर्ट

प्रयागराज, 27 अप्रैल । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गाजियाबाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि देखने में आया है कि पुलिस कमिश्नर अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हैं। बांड जमा करने के बाद भी आसानी से रिलीज नहीं करते।

कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर गाजियाबाद को निर्देश दिया है कि वह पिछले एक हफ्ते में अपने आदेश से अवैध निरूद्ध किए गए लोगों की सूची पेश करें, यदि वह विफल रहते हैं तो 06 मई को अगली सुनवाई के दिन सुबह दस बजे कोर्ट में हाजिर हो। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ तथा न्यायमूर्ति वी के द्विवेदी की खंडपीठ ने चंद्रपाल सिंह व अन्य की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।

कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार की तरफ से जवाबी हलफनामा दाखिल किया गया। जिससे साफ हो गया कि पुलिस कमिश्नर गाजियाबाद ने याची को अवैध निरूद्ध रखा। याची के खिलाफ बी एन एस एस की धारा 170, 126 व 135 के तहत कार्रवाई की गई और उसे जेल भेज दिया गया। कानूनी उपबंधों पर विचार नहीं किया गया और नियमानुसार रिहाई नहीं की गई। जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया है।