अद्वितीय और अद्भुत कौशल के धनी दीनदयाल ने जनसंघ के विस्तार में निभाई अहम भूमिका: डॉ.मुरार त्रिपाठी
अद्वितीय और अद्भुत कौशल के धनी दीनदयाल ने जनसंघ के विस्तार में निभाई अहम भूमिका: डॉ.मुरार त्रिपाठी
प्रयागराज, 25 सितंबर अद्वितीय और अद्भुत कौशल के धनी दीनदयाल ने जनसंघ के विस्तार में अहम भूमिका निभाई। यह बात गुरूवार को पंडित दीन दयाल उपाध्याय की 109 वीं जयंती के मौके पर सीपीआई परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सर्वार्य इं कालेज के प्रधानाचार्य डा. मुरार जी त्रिपाठी ने कहा।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की नींव पर एक मजबूत और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए उन्होंने ‘एकात्म मानववाद’ का दर्शन प्रस्तुत किया, जो आज हमारा पथ-प्रदर्शन कर रहा है । उनका चिन्तन उनके आचरण में परिलक्षित होता था, जो न केवल बड़ी, अपितु दुर्लभ बात है । इसीलिए वे आज भी श्रद्धा के साथ स्मरण किये जा रहे हैं ।
इस अवसर वरिष्ठ भाजपा नेता पंडित देवेन्द्र नाथ मिश्र ने कहा कि प्रखर राष्ट्रवादी,उत्कृष्ट संगठनकर्ता,एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता,भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य एवं हमारे पथ प्रदर्शक श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय। उनका सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा,संगठन और समर्पण का अनुपम आदर्श था। उनके आदर्शों से प्रेरित होकर हम समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और न्याय की रोशनी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वरिष्ठ नेता नरेन्द्र देव पाण्डे ने पं दीनदयाल को राजनैतिक संत बताते हुए कहा कि पंडित जी का चिन्तन और कार्य-व्यवहार आज और भी प्रासंगिक हो गया है, विशेषकर राजनीति के लिए । पंडित का मानना था कि "हमारी राष्ट्रीयता का आधार भारत माता हैं, केवल भारत ही नहीं, माता शब्द हटा दीजिए तो भारत केवल जमीन का टुकड़ा मात्र बनकर रह जायेगा।"
एकात्म मानववाद के प्रणेता पं दीन दयाल उपाध्याय जी की 109वीं जयंती पर सीपीआई प्रांगण स्थित उनके मूर्ति स्थल पर वरिष्ठ समाजसेवियों, शिक्षा-विधि-साहित्य से जुड़े लोगों ने उन्हें नमन करते हुए अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
कार्यक्रम में हाईकोर्ट बार के पूर्व उपाध्यक्ष आशुतोष पाण्डे,अशोक त्रिपाठी,सुरेश सिन्ह,प्रदीप सिंह,अमरेश पटेल,शुभम सोनकर आदि लोग उपस्थित रहे।