भूजल संरक्षण जागरूकता अभियान का सीडीओ ने किया प्रारंभ

भूजल संरक्षण जागरूकता अभियान का सीडीओ ने किया प्रारंभ

भूजल संरक्षण जागरूकता अभियान का सीडीओ ने किया प्रारंभ

प्रयागराज, 16 जुलाई । जन जागरूकता के माध्यम से भूजल के महत्व को रेखांकित करने और उसके संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाने के उद्देश्य से प्रयागराज में एक महत्वपूर्ण भूजल संरक्षण अभियान का बुधवार सुबह भव्य आगाज़ हुआ।

मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) हर्षिका सिंह ने शहीद चन्द्रशेखर आजाद पार्क के मुख्य द्वार से 'भूजल सप्ताह' के तहत आयोजित एक विशाल जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली में स्कूली छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और जनपदीय अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसका उद्देश्य शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल संरक्षण के प्रति चेतना फैलाना था।

इस अवसर पर सीडीओ हर्षिका सिंह ने भूजल के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह समय की मांग है कि हम सभी मिलकर इस बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधन को बचाने के लिए आगे आएं। उन्होंने बताया कि भूजल सप्ताह की शुरुआत का मुख्य लक्ष्य नगर वासियों के साथ-साथ ग्रामीण अंचल के लोगों को भी भूजल संरक्षण के महत्व और जल प्रबंधन के सही तरीकों के बारे में जागरूक करना है, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

अभियान के तहत, बुधवार सुबह सबसे पहले एक 'प्रभात फेरी' निकाली गई, जिसमें छात्रों ने भूजल संरक्षण के संदेश लिखे बैनर और तख्तियां लेकर विभिन्न मार्गों से होते हुए लोगों को जागरूक किया। सीडीओ ने स्वयं विद्यालय के छात्रों और अन्य जनपदीय अधिकारियों के साथ इस प्रभात फेरी को रवाना किया, जो शहर के प्रमुख हिस्सों से गुजरी और नागरिकों को जल बचाने का संदेश दिया।

इस महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान, भूजल को रिचार्ज करने के लिए वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) की महत्ता और जल के विवेकपूर्ण उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे जल का अपव्यय रोकने और हर बूंद को बचाने के लिए संकल्प लें, क्योंकि भूजल हमारी जीवन रेखा है।

इसके अतिरिक्त, सीडीओ हर्षिका सिंह ने विकास भवन परिसर में 'भूजल बचाओ' के नारे के साथ एक हस्ताक्षर अभियान का भी शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को व्यक्तिगत रूप से भूजल संरक्षण की शपथ लेने और इस महत्वपूर्ण कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित करना है। यह अभियान आने वाले दिनों में जिले भर में जारी रहेगा, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इस गंभीर पर्यावरणीय मुद्दे के प्रति जागरूक किया जा सके।