धोखाधड़ी व जालसाजी में ढाई साल से जेल में बंद अजहर उस्मानी की जमानत मंजूर
धोखाधड़ी व जालसाजी में ढाई साल से जेल में बंद अजहर उस्मानी की जमानत मंजूर
प्रयागराज, 06 फ़रवरी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में करीब ढाई साल से जेल में बंद अजहर अनीस उस्मानी की जमानत मंजूर कर ली है।
जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने सुनवाई की। कोर्ट ने याची की लम्बी हिरासत और मुकदमे की धीमी प्रगति को देखते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अजहर के खिलाफ जॉर्जटाउन थाने में आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471, 406 व 506 में मुकदमा दर्ज है। यह उसकी दूसरी जमानत अर्जी थी। पहली अर्जी पैरवी के अभाव में खारिज हो गई थी।
याची के वकील का कहना था कि आरोपित 13 सितम्बर 2023 से जेल में है और अब तक एक भी गवाह का परीक्षण नहीं हुआ है। प्रभाकर तिवारी के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा गया कि केवल लम्बित मुकदमे जमानत रोकने का आधार नहीं हैं। कोर्ट ने सशर्त जमानत देते हुए याची को साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने, गवाहों को प्रभावित न करने और हर सुनवाई पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।