हाईकोर्ट से राहत के बाद फिर जेल पहुंचे आशीष उपाध्याय
पहले डकैती कोर्ट फिर सीजेएम कोर्ट में किया गया पेश रिमांड की डिमांड खारिज,14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
झांसी, 14 मई । उत्तर प्रदेश के झांसी में ऑनलाइन सट्टा कारोबार से जुड़े सौ करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन मामले में जेल गए आशीष उपाध्याय की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रयागराज हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद बुधवार को जिला कारागार से रिहा होते ही उन्हें सीपरी बाजार थाना पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन्हें रॉयल सिटी कॉलोनी में पकड़े गए सट्टा सिंडिकेट मामले में हिरासत में लिया था। गुरुवार को उन्हें पहले डकैती कोर्ट और फिर सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया था। वहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
देर रात प्रेमनगर थाना में भी आशीष उपाध्याय और उनके सहयोगी मंगलम दुबे और दो अज्ञात समेत चार लोगों के खिलाफ रंगदारी, जान से मारने की धमकी और 45 हजार रुपये लूटने का मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता ऊधम सिंह ने आरोप लगाया कि आरोपितों ने जमीन की रजिस्ट्री कराकर चेक दिया, फिर रुपये हड़प लिए। चैक बाउंस होने पर जब उसने पैसे मांगे तो जान से मारने की धमकी दी गई और 45 हजार रुपये लूट लिए। साथ ही परिवार को गोली मारने की धमकी भी दी गई।
गुरुवार को प्रेमनगर और सीपरी बाजार थाना पुलिस आशीष उपाध्याय को अलग-अलग मामलों में न्यायालय लेकर पहुंची। पहले प्रेमनगर पुलिस ने उन्हें डकैती कोर्ट में पेश किया, जहां अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेजने का आदेश दिया। इसके बाद सीपरी बाजार पुलिस ने रॉयल सिटी सट्टा सिंडिकेट प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में रिमांड मांगी, लेकिन अदालत ने रिमांड याचिका खारिज कर दी।
गौरतलब है कि दो मई को नवाबाद थाना पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट में सौ करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन के आरोप में आशीष उपाध्याय को दिल्ली के चाणक्य पुरम से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 12 मई को हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद उनकी रिहाई हुई थी, लेकिन बाहर आते ही उन्हें फिर पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
इधर, मामले में सहयोगी मंगलम दुबे का नाम सामने आने के बाद आशीष उपाध्याय के समर्थक भी दूरी बनाते दिखाई दिए। पहले कचहरी और जेल परिसर में बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहते थे, लेकिन गुरुवार को अदालत परिसर में कई घंटे चली कार्यवाही के दौरान उनके आसपास कोई समर्थक नजर नहीं आया। कचहरी परिसर में आशीष उपाध्याय ने मीडिया से कहा कि उन्हें प्रशासन और महाकाल पर पूरा भरोसा है। सत्य की जीत होगी।