मोदी सरकार के 12 वर्ष : पूर्वोत्तर के विश्वास, विकास और बदलाव के वर्ष
मोदी सरकार के 12 वर्ष : पूर्वोत्तर के विश्वास, विकास और बदलाव के वर्ष
लखनऊ, 20 जून । उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि एक समय था, जब पूर्वोत्तर को देश के विकास मानचित्र में अक्सर ‘अंतिम छोर’ पर देखा जाता था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वोत्तर को ‘सीमांत क्षेत्र’ नहीं, बल्कि भारत की ‘सामर्थ्य और संभावनाओं’ का प्रवेशद्वार माना। पिछले 12 वर्षों में पूर्वोत्तर विकास, संपर्क और शांति के एक नए अध्याय का साक्षी बना है।
उप मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि रेल, सड़क, हवाई और जल संपर्क के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। 46 हजार किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कें, नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे, रेलवे में रिकॉर्ड निवेश और अंतर्देशीय जलमार्गों के विस्तार ने पूर्वोत्तर को विकास की मुख्यधारा से मजबूती से जोड़ा है। वहीं, शांति समझौतों, हजारों उग्रवादियों के आत्मसमर्पण और बढ़ती आर्थिक गतिविधियों ने क्षेत्र में विश्वास और स्थिरता का नया वातावरण बनाया है।जैविक खेती, पर्यटन और स्थानीय उद्यमों को भी नई पहचान मिली है। यही मोदी सरकार के 12 वर्षों की पहचान है, जहां पूर्वोत्तर को ‘उपेक्षा से अवसर’, ‘अस्थिरता से विश्वास’ और ‘दूरी से विकास’ की ओर अग्रसर किया गया है। यही नया भारत है, जहां पूर्वोत्तर विकसित भारत की विकास यात्रा का एक सशक्त आधार बनकर उभरा है।