सावन के पहले सोमवार पर हाई अलर्ट : पुलिस कमिश्नर ने कांवड़ियों से मिलकर परखी सुरक्षा व्यवस्था
श्री काशी विश्वनाथ धाम, कॉरिडोर और गंगा घाटों का किया पैदल निरीक्षण, श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुगम दर्शन को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
वाराणसी, 02 अगस्त । सावन माह के प्रथम सोमवार पर बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए वाराणसी पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। रविवार अपराह्न से ही दर्शन के लिए कतारबद्ध कांवड़ियों के बीच पहुंचे पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने उनका हालचाल जाना और देर शाम श्री काशी विश्वनाथ धाम, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर तथा गंगा घाटों का पैदल भ्रमण कर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम दर्शन सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। उन्होंने कहा कि सावन के पहले सोमवार पर उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाराणसी पहुंचेंगे। ऐसे में पुलिस का उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुखद धार्मिक अनुभव उपलब्ध कराना है।
—गिरजाघर से घाटों तक पैदल किया निरीक्षण
पुलिस कमिश्नर ने गिरजाघर मार्ग, गोदौलिया, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और गंगा घाटों तक पैदल भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन तथा श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं के साथ मित्रवत एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करे, ताकि काशी आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित, संतुष्ट और मधुर अनुभव के साथ अपने गंतव्य को लौटे।
—प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर डेडिकेटेड कांवड़ लेन
कांवड़ियों के सुरक्षित आवागमन के लिए प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर पृथक डेडिकेटेड कांवड़ लेन बनाई गई है। इस मार्ग पर पुलिस रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी), क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) तथा पर्याप्त पुलिस बल की लगातार तैनाती सुनिश्चित की गई है, जिससे यात्रा निर्बाध और सुरक्षित बनी रहे।
—सीसीटीवी से चौबीसों घंटे निगरानी
मंदिर परिसर, कांवड़ यात्रा मार्ग और संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। इन कैमरों की सतत मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
—सुगम दर्शन के लिए विशेष इंतजाम
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास व्यापक बैरिकेडिंग की गई है, जिससे श्रद्धालु कतारबद्ध एवं सुरक्षित तरीके से दर्शन-पूजन कर सकें। स्थानीय दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए मुख्य प्रवेश द्वार संख्या-4 के अतिरिक्त गेट संख्या-4बी की व्यवस्था की गई है, जहां पहचान पत्र के आधार पर अलग से प्रवेश दिया जाएगा।
—श्रद्धालु-अनुकूल पुलिसिंग पर विशेष जोर
पुलिस कमिश्नर ने ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ शालीन, मित्रवत एवं सम्मानजनक व्यवहार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को 'सर' और 'मैडम' कहकर संबोधित किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, मंदिर मार्गों और प्रमुख स्थलों पर सादे वस्त्रों में पुलिसकर्मियों की भी तैनाती रहेगी, जो संदिग्ध एवं असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे।
—सहायता केंद्र, चिकित्सा सुविधा और बैरिकेडिंग होगी मजबूत
कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थापित अस्थायी पुलिस सहायता केंद्रों, विश्राम स्थलों और चिकित्सा शिविरों का निरीक्षण कर सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रमुख स्थानों पर खोया-पाया केंद्र, सूचना सहायता केंद्र तथा प्रभावी बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। साथ ही अवैध कटों को बंद कर प्रमुख चौराहों पर जिगजैग बैरिकेडिंग लागू की जाएगी, जिससे कांवड़ियों और सामान्य यातायात का सुरक्षित एवं सुचारु संचालन सुनिश्चित हो सके।
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था/मुख्यालय) शिवहरि मीणा तथा पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंसवाल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।