पीयू में ‘विकसित भारत’ पर विद्यार्थियों ने रखे विचार, भाषण प्रतियोगिता में 53 छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विकसित भारत, जनकल्याणकारी योजनाओं और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विचार रखे।

पीयू में ‘विकसित भारत’ पर विद्यार्थियों ने रखे विचार, भाषण प्रतियोगिता में 53 छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा

जौनपुर, 29 सितंबर। यूपी के जौनपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मंगलवार को भाषण प्रतियोगिता हुई। कुलपति प्रो. आर.के. सिंह के दिशा-निर्देशन में प्रतियोगिता विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में आयोजित की गई।

प्रतियोगिता में ‘विकसित भारत की संकल्पना’ और ‘सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं’ विषय निर्धारित किए गए थे। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 53 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने विकसित भारत की परिकल्पना, जनकल्याणकारी योजनाओं और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का उद्घाटन छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. प्रमोद कुमार यादव और राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा के माध्यम से सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

निर्णायक मंडल में डॉ. श्वेता पांडेय, डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. विशाल यादव और डॉ. अजय मौर्य शामिल रहे। निर्णायकों ने विषय-वस्तु, प्रस्तुतीकरण, तार्किकता, भाषा और अभिव्यक्ति के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।

प्रतियोगिता में अभिनव कीर्ति पांडेय ने प्रथम, वैष्णवी त्रिपाठी ने द्वितीय और मनीष जायसवाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इस दौरान विद्यार्थियों ने विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका, नागरिक जिम्मेदारियों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार साझा किए। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को सार्वजनिक मंच पर अपने विचार और अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने का अवसर मिला।