प्रयागराज में भगत सिंह को श्रद्धांजलि, राजेश केसरवानी बोले- आज भी गूंजता है उनका ‘इंकलाब’

अमर क्रांतिकारी श्रद्धांजलि ग्रुप ने मुट्ठीगंज में भगत सिंह की 116वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर उनके विचारों और संघर्ष को याद किया।

प्रयागराज में भगत सिंह को श्रद्धांजलि, राजेश केसरवानी बोले- आज भी गूंजता है उनका ‘इंकलाब’

प्रयागराज, 2७ सितंबर । भगत सिंह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम में क्रांति के विचार का प्रतीक थे। उनके दिए इंकलाब के नारे की गूंज आज भी भारत के जर्रे-जर्रे में सुनाई देती है। उनके विचार युवाओं को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और देशहित में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

यह बात अमर क्रांतिकारी श्रद्धांजलि ग्रुप के अध्यक्ष राजेश केसरवानी, भाजपा नेता कुमार नारायण और पूर्व पार्षद विजय वैश्य ने मुट्ठीगंज स्थित मुंशी राम प्रसाद की बगिया में भगत सिंह की 116वीं जयंती पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कही। वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष करते हुए जेल में 116 दिन तक भूख हड़ताल की। उनके संघर्ष ने तत्कालीन अंग्रेजी सरकार का ध्यान भारतीय क्रांतिकारियों की मांगों और जेलों की परिस्थितियों की ओर खींचा। उनके विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

उन्होंने कहा कि भगत सिंह का मानना था कि क्रांति केवल हथियारों से नहीं, बल्कि मजबूत विचारों से आगे बढ़ती है। उनके विचारों में स्वतंत्र सोच, तर्क और अन्याय का विरोध प्रमुख था। 23 मार्च 1931 को देश की आजादी के लिए भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का बलिदान स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में अमिट अध्याय बन गया।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भगत सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के संयोजक शत्रुघ्न जायसवाल रहे, जबकि संचालन अजय अग्रहरि ने किया। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में किशन जायसवाल, कमलेश केसरवानी, नीरज केसरवानी, सुमित केसरवानी, बलराम जायसवाल, मनोज मिश्रा, सुशील जैन, अल्का श्रीवास्तव, धुन्नू भैया, पवन गुप्ता, आशीष जायसवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।