प्रयागराज की नराकास इलाहाबाद को मिला प्रशंसनीय श्रेणी का पुरस्कार, मीनाक्षी सिंह ने सदस्य कार्यालयों को दिया श्रेय

छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में सम्मानित हुई नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति। मुख्य आयकर आयुक्त मीनाक्षी सिंह ने हिंदी को राष्ट्रीय अस्मिता और सांस्कृतिक विरासत की सशक्त कड़ी बताया।

प्रयागराज की नराकास इलाहाबाद को मिला प्रशंसनीय श्रेणी का पुरस्कार, मीनाक्षी सिंह ने सदस्य कार्यालयों को दिया श्रेय

प्रयागराज, 16 सितंबर। हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय अस्मिता और सांस्कृतिक विरासत है। यह प्रशासन और जनता के बीच संवेदनशील संवाद स्थापित करने वाली सशक्त कड़ी भी है। नराकास जैसी संस्थाएं नगर स्तर पर इस कड़ी को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। यह बात बुधवार को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), इलाहाबाद की अध्यक्ष एवं मुख्य आयकर आयुक्त मीनाक्षी सिंह ने छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में अपने वक्तव्य में कही।

उन्होंने व्याख्यान सत्र में ‘राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन में प्रभावी धुरी—नराकास’ विषय पर बोलते हुए ने कहा कि यह सम्मान नराकास के सभी सदस्य कार्यालयों के निरंतर सहयोग और परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने सभी सदस्य कार्यालयों को बधाई देते हुए कहा कि प्रयागराज गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन संगम की भूमि होने के साथ हिंदी साहित्य और पत्रकारिता का ऐतिहासिक केंद्र भी रहा है। यहां नराकास लगातार सक्रिय और प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि नराकास के अंतर्गत आयकर विभाग के साथ रेलवे, बैंकिंग, बीमा, डाक विभाग और अन्य केंद्रीय कार्यालय साझा मंच पर आकर नियमित बैठकों, संयुक्त हिंदी कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं के माध्यम से राजभाषा नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यालयों की सहभागिता से हिंदी में सरकारी कामकाज को बढ़ावा देने में सहायता मिली है। मीनाक्षी सिंह ने कहा कि नराकास जैसी संस्थाएं नगर स्तर पर राजभाषा हिंदी के प्रयोग को मजबूत करने के साथ कार्यालयों और आमजन के बीच संवाद को भी प्रभावी बनाती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में हुए विचार-विमर्श से राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी और अधिक संकल्पबद्ध होकर कार्य करेंगे।

छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में नराकास इलाहाबाद को प्रशंसनीय श्रेणी के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समिति की अध्यक्ष मीनाक्षी सिंह और सदस्य सचिव मकरध्वज मौर्य, सहायक निदेशक राजभाषा ने यह सम्मान प्राप्त किया। सम्मेलन में राजभाषा विभाग की सचिव अंशुली आर्या की उपस्थिति में देशभर से आए राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले समितियों और पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया।

समिति के सदस्य सचिव मकरध्वज मौर्य ने पुरस्कार मिलने पर सभी सदस्य कार्यालयों के प्रति आभार जताया। समिति के सदस्यों तथा प्रयागराज के विभिन्न कार्यालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मीनाक्षी सिंह को बधाई देते हुए इस सम्मान को शहर के लिए गौरव का विषय बताया।