रामलीला आयोजन विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कमिश्नर के आदेश की अवमानना मामले में मांगा जवाब

आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की याचिका पर सुनवाई; सहारनपुर मंडल के कमिश्नर के स्थगनादेश के कथित उल्लंघन पर सक्षम अधिकारी से हलफनामा दाखिल करने का निर्देश।

रामलीला आयोजन विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कमिश्नर के आदेश की अवमानना मामले में मांगा जवाब

प्रयागराज, 16 सितंबर 

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सहारनपुर मंडल के कमिश्नर के स्थगनादेश के उल्लंघन और रामलीला के आयोजन से जुड़े एक अवमानना मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार ने आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को वस्तुस्थिति स्पष्ट करने और हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। ।

याची आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने पक्ष रखते हुए आरोप लगाया कि कमिश्नर सहारनपुर मंडल ने 27 नवंबर 2025 को एक आदेश किया था। इस आदेश के तहत सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स सहारनपुर के 28 मई 2025 के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी गई थी और अपील के निस्तारण तक सोसाइटी/ट्रस्ट के समस्त क्रियाकलापों को स्थगित रखा गया था। याची का आरोप है कि कमिश्नर के आदेश के बावजूद दूसरे पक्ष को संस्था का संचालन करने और रामलीला आयोजित करने की अनुमति दी जा रही है जो स्पष्ट रूप से अदालत और प्रशासनिक आदेश की अवमानना है।

सुनवाई के दौरान स्थायी अधिवक्ता ने एसडीएम कैराना की आख्या (निर्देश) पेश कर बताया कि सहायक रजिस्ट्रार के 28 मई 2025 के आदेश को पूर्व में हाईकोर्ट में एक याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई थी, जिसे कोर्ट ने निस्तारित करते हुए कोई विशेष हस्तक्षेप नहीं किया था। सरकारी वकील ने कहा कि दूसरा पक्ष पिछले वर्षों से रामलीला का आयोजन कराता आ रहा था इसलिए सुविधा और व्यवस्था के दृष्टिगत उन्हें आयोजन की अनुमति ने प्रस्तुत तथ्यों और निर्देशों को रिकॉर्ड पर लेते हुए सरकारी वकील को इस मामले में सक्षम अधिकारी की ओर से हलफनामा दाखिल करने के लिए समय दिया है। साथ ही याची के अनुरोध पर जिला शासकीय अधिवक्ता शामली का नाम सूची से हटाने की भी अनुमति प्रदान की।