अस्पताल के प्रबंधक की गिरफ्तारी पर रोक, शिकायतकर्ता व राज्य सरकार से कोर्ट ने मांगा जवाब, इलाज में लापरवाही बरतने का है आरोप

अस्पताल के प्रबंधक की गिरफ्तारी पर रोक, शिकायतकर्ता व राज्य सरकार से कोर्ट ने मांगा जवाब, इलाज में लापरवाही बरतने का है आरोप

अस्पताल के प्रबंधक की गिरफ्तारी पर रोक, शिकायतकर्ता व राज्य सरकार से कोर्ट ने मांगा जवाब, इलाज में लापरवाही बरतने का है आरोप

प्रयागराज, 18 सितंबर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कौशांबी जिले के एक अस्पताल के मैनेजर संकल्प की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। इनके खिलाफ मरीज के इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र समंत की खंडपीठ ने पारित किया। कहा गया कि याची संकल्प अस्पताल के मैनेजर हैं, जहां मृतक का विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में इलाज हो रहा था। कौशांबी के थाने में 23 जुलाई 2026 को एस सी- एस टी एक्ट सहित अन्य अपराधों के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है। कहा कि सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा कराई गई जांच में यह पाया गया कि किसी भी प्रकार की मेडिकल लापरवाही नहीं हुई थी। जांच में न तो डॉक्टरों और न ही अस्पताल स्टाफ को दोषी पाया गया। वकील का कहना था कि यह एफआईआर दुर्भावनापूर्ण तरीके से केवल पैसे ऐंठने के इरादे से दर्ज कराई गई है, और एससी/एसटी एक्ट के तहत कोई प्रथम दृष्टया अपराध नहीं बनता।

पीठ ने मामले को विचारणीय मानते हुए शिकायतकर्ता को नोटिस जारी की है । राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का समय दिया गया है।