चित्रकूटधाम मंडल में दो दिन में आएगी डीएपी की दाे रैक, खत्म होगी खाद की किल्लत
यूरिया पर्याप्त, कालाबाजारी व टैगिंग पर होगी कड़ी कार्रवाई: कमिश्नर
बांदा, 24 जुलाई उत्तर प्रदेश के चित्रकूटधाम मंडल में खरीफ सीजन में डीएपी खाद की कमी दूर की जा रही है। मंडल के चारों जिलों में अगले दो दिनों के भीतर डीएपी उर्वरक की एक-एक रैक पहुंचने की संभावना है। रैक पहुंचते ही मंडल में डीएपी की उपलब्धता सामान्य हो जाएगी और किसानों को बिना किसी परेशानी के खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
यह जानकारी आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल अजीत कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मंडल में यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और इसकी कोई कमी नहीं है। डीएपी की आंशिक कमी को दूर करने के लिए शासन को पहले ही मांग भेजी जा चुकी है, जिसके तहत अगले दो दिनों में चारों जिलों के लिए एक-एक रैक मिलने की संभावना है।
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद वितरण पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से कराया जाए। सभी उर्वरक केंद्रों पर स्टॉक, उपलब्ध मात्रा और निर्धारित बिक्री मूल्य प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए, ताकि किसानों को सही जानकारी मिल सके और किसी प्रकार का भ्रम न रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि टैगिंग, कालाबाजारी, जमाखोरी या निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने जैसी शिकायतें किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी या विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त ने वृद्ध, महिला और दिव्यांग किसानों के लिए अलग कतार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही कहा कि जिन केंद्रों पर स्टॉक कम होने की संभावना हो, वहां समय रहते अतिरिक्त मांग भेजी जाए, ताकि खाद की आपूर्ति बाधित न हो। बैठक में कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों को प्रतिदिन उर्वरक उपलब्धता और वितरण की समीक्षा करने तथा क्षेत्र में भ्रमण कर व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि खरीफ फसल के मद्देनजर किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।