इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र आंदोलन को लेकर सांसद उज्ज्वल रमण सिंह से मिला प्रतिनिधिमंडल, 8 अगस्त को राहुल गांधी करेंगे छात्र संवाद

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र आंदोलन को लेकर सांसद उज्ज्वल रमण सिंह से मिला प्रतिनिधिमंडल, 8 अगस्त को राहुल गांधी करेंगे छात्र संवाद

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र आंदोलन को लेकर सांसद उज्ज्वल रमण सिंह से मिला प्रतिनिधिमंडल, 8 अगस्त को राहुल गांधी करेंगे छात्र संवाद

प्रयागराज, 03 अगस्त इलाहाबाद विश्वविद्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को प्रयागराज के सांसद उज्ज्वल रमण सिंह से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष लंबित छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर हस्तक्षेप करने और आंदोलन को समर्थन देने का अनुरोध किया।

सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने बताया कि छात्रों ने अपने पत्र में विश्वविद्यालय प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय में छह हजार से अधिक सीटों में कटौती की गई है। इसके अलावा प्रतिवर्ष 10 से 14 प्रतिशत तक फीस बढ़ाए जाने से छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। छात्रों ने केंद्रीय पुस्तकालय का समय बढ़ाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान में पुस्तकालय केवल आठ घंटे के लिए खुलता है। छात्रों ने अपने ज्ञापन में यह भी कहा कि ऐतिहासिक छात्र राजनीति के केंद्र रहे इलाहाबाद विश्वविद्यालय में लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव नहीं हो रहे हैं। उन्होंने छात्रसंघ की बहाली की मांग दोहराई है।

छात्र नेताओं के अनुसार वे अपनी मांगों को लेकर 10 जुलाई से शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बातचीत करने के बजाय आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता प्रियांशु विद्रोही तथा उनके साथियों गौरव गौंड, अमित और आयुष के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया है। ज्ञापन में छात्रों ने सांसद उज्ज्वल रमण सिंह से जनप्रतिनिधि होने के नाते उनकी मांगों को उचित मंच तक पहुंचाने और छात्र हित में सहयोग करने का अनुरोध किया है।

इस संबंध में सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने छात्रों से अपील की है कि वे 8 अगस्त को शाम 5 बजे केपी कॉलेज मैदान में बड़ी संख्या में पहुंचें। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों के साथ संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम में छात्र अपनी समस्याएं सीधे उनके सामने रख सकेंगे, जिन पर चर्चा कर समाधान की दिशा में विचार-विमर्श किया जाएगा।