यमुनानगर: बारिश से किसानों के चेहरे खिले, धान की बुआई में मिलेगा लाभ
यमुनानगर: बारिश से किसानों के चेहरे खिले, धान की बुआई में मिलेगा लाभ
यमुनानगर में प्री-मानसून की बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशी ला दी है, वहीं शहरवासियों को जलभराव की समस्या से दो-चार होना पड़ा है।
किसानों के लिए वरदान:
बारिश का मौसम किसानों के लिए बेहद राहत भरा रहा है। खेतों में धान की बुवाई के लिए पर्याप्त पानी जमा हो गया है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए चिंता नहीं करनी पड़ेगी। जिला कृषि विभाग के उपनिदेशक आदित्य डबास ने बताया कि यह बारिश धान की बुवाई के लिए एक वरदान साबित हुई है। अब किसानों को बिजली कटौती की समस्या का भी सामना नहीं करना पड़ेगा, जिससे बुवाई की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल पाएगी।
शहरवासियों के लिए आफत:
जहां एक ओर किसानों को बारिश से फायदा हुआ है, वहीं दूसरी ओर यमुनानगर-जगाधरी शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। आजाद नगर, लाजपत नगर, खालसा कॉलेज रोड, टैगोर गार्डन और प्रोफेसर कॉलोनी जैसी कॉलोनियों में सीवरेज व्यवस्था के ठप पड़ने से घरों में गंदा पानी घुसने लगा है। इससे स्थानीय निवासी काफी नाराज हैं और उन्होंने नगर निगम की तैयारियों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
निगम की कार्यशैली पर सवाल:
लोगों का कहना है कि बारिश से पहले नालों और सीवरेज की सफाई समय पर नहीं की गई, जिसका नतीजा है कि आज सड़कों और घरों में गंदा पानी भर रहा है। यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो घरों में रहना दूभर हो जाएगा। इससे पहले भी कई बार ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। जलभराव के कारण बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।