मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर सपा ने दी श्रद्धांजलि, सामाजिक न्याय के रास्ते पर चलने का संकल्प

प्रयागराज के जॉर्ज टाउन स्थित सपा कार्यालय में हुई सभा, जिलाध्यक्ष अनिल यादव बोले- नेताजी का जीवन जनसेवा और समानता के लिए समर्पित रहा

मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर सपा ने दी श्रद्धांजलि, सामाजिक न्याय के रास्ते पर चलने का संकल्प

प्रयागराज, 10 अक्टूबर । समाजवादी आंदोलन के महानायक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का पूरा जीवन सामाजिक समानता, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने राजनीति को सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान, अधिकार और अवसर दिलाने का साधन बनाया। एक साधारण किसान परिवार से निकलकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के रक्षा मंत्री तक पहुंचने का उनका सफर संघर्ष, जनविश्वास और राजनीतिक दृढ़ता का उदाहरण है।

यह बातें समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अनिल यादव ने शुक्रवार को जॉर्ज टाउन स्थित पार्टी कार्यालय में मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कहीं। उन्होंने कहा कि नेताजी ने गरीबों, किसानों, पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उनके विचार और जनसेवा के प्रति समर्पण समाजवादी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। सभा में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नेताजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।

समाजवादी आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाया

महानगर अध्यक्ष सैयद इफ्तिखार हुसैन ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाने और किसानों, मजदूरों, नौजवानों तथा पिछड़े वर्गों को राजनीतिक भागीदारी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. राममनोहर लोहिया के विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने सामाजिक न्याय, समान अवसर, धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई को मजबूत किया। पूर्व विधायक सत्यवीर मुन्ना ने कहा कि समाजवादी पार्टी की स्थापना के माध्यम से नेताजी ने वंचित समुदायों को अपनी आवाज उठाने के लिए राजनीतिक मंच दिया। उनके प्रयासों से सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों की भागीदारी का मुद्दा राजनीति में प्रमुखता से उभरा।

किसानों और सैनिकों के हितों को दी प्राथमिकता

सपा प्रवक्ता दान बहादुर मधुर ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री के रूप में ग्रामीण विकास, किसानों के हित, शिक्षा, सामाजिक कल्याण और युवाओं के अवसरों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी। गांव, किसान और गरीब परिवार उनकी राजनीति के केंद्र में रहे। देश के रक्षा मंत्री के रूप में भी उन्होंने सैनिकों के सम्मान, उनके परिवारों के कल्याण और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों को प्रमुखता दी। शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीर को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था के लिए भी उन्हें याद किया जाता है।

कृष्णमूर्ति सिंह यादव और कमला यादव सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि मुलायम सिंह यादव का राजनीतिक जीवन संघर्षों और ऐतिहासिक निर्णयों से भरा रहा। उन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। उनका जीवन जनसेवा और जनता से सीधे जुड़ाव की प्रेरणा देता है।

समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने का संकल्प

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नेतृत्व में सामाजिक न्याय की स्थापना, कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा, सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करने और लोकतांत्रिक मूल्यों की सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। सपा प्रवक्ता दान बहादुर मधुर ने बताया कि जिले की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में भी कार्यक्रम आयोजित कर नेताजी को श्रद्धांजलि दी गई।

कार्यक्रम में इंजीनियर जगदीश यादव, रविंद्र यादव, बासुदेव यादव, मुस्ताक काजमी, पंधारी यादव, राम सुमेर पाल, नरेंद्र सिंह, सचिन यादव, शशांक त्रिपाठी, दूधनाथ पटेल, शांति प्रकाश पटेल, संगीता पटेल, महेंद्र निषाद, सुमन कोल, प्रदीप निषाद, राम अवध पाल, आशुतोष तिवारी, आरएन यादव, सचिन श्रीवास्तव, दिलीप सोनी, संतोष यादव, देवीलाल, जीतराज हेला, अरविंद हेला, निरेन्द्र यादव, विजय अग्रवाल, नंदलाल पटेल, संदीप विश्वकर्मा, एरम रब्बानी, आफताब आलम, सुएब खां, ओपी पाल, वजीर खां, अमित यादव, मृत्युंजय पांडेय, विजय पटेल, मोहम्मद हामिद, आरती पाल, चंचल पासी और राम कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।