वाराणसी : पार्कों के सुंदरीकरण में लापरवाही मामले में नगर निगम ने दो फर्मों पर लगाया जुर्माना

तय समय में कार्य पूरा न होने पर स्मार्ट सिटी के मुख्य अभियंता ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

वाराणसी : पार्कों के सुंदरीकरण में लापरवाही मामले में नगर निगम ने दो फर्मों पर लगाया जुर्माना

वाराणसी, 08 फरवरी । उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सार्वजनिक पार्कों के पुनर्विकास व सुंदरीकरण के कार्यों में देरी व लापरवाही पर नगर निगम एक्शन मोड में आ गया। वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने शिथिलता बरतने के आरोप में संबंधित दो फर्मों पर 40,000 रुपये अर्थदंड (जुर्माना) लगाते हुए कड़ी चेतावनी दी है।

अशोक विहार, संजय नगर सहित शहर के विभिन्न पार्कों के पुनर्विकास के लिए स्मार्ट सिटी ने मई 2025 में मेसर्स बजरंगबली एंटरप्राइजेज​ से अनुबंध किया गया था। इस फर्म को फरवरी 2026 तक कार्य पूर्ण करना है, लेकिन कार्य की रफ्तार बेहद सुस्त है। इसे देखते हुए स्मार्ट सिटी के मुख्य अभियंता अमरेंद्र तिवारी ने फर्म पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए तत्काल मजदूरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। यह जानकारी नगर निगम के जनसम्पर्क कार्यालय ने रविवार को दी।

उनकी तरफ से बताया गया कि लखनऊ की फर्म मेसर्स ईकोटोन सॉल्यूशंस पर विभाग ने और भी सख्त कार्रवाई की है। इस फर्म को भगवान दास, सिंधु नगर और छेदी लाल जैसे इलाकों के पार्कों का कायाकल्प जनवरी 2026 तक ही पूरा करना था, लेकिन डेडलाइन बीतने के बाद भी प्रोजेक्ट अधूरा लटका हुआ है। कार्य की गुणवत्ता और मानकों में कमी को देखते हुए मुख्य अभियंता ने फर्म पर 25 हजार रुपये का भारी अर्थदंड लगाया है।

कार्यों की सुस्त प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए मुख्य अभियंता ने कहा कि तय समय सीमा के भीतर काम पूरा न होने पर अब किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी। यदि निर्धारित अवधि में मानकों के अनुरूप कार्य पूरा

नहीं किया गया, तो फर्मों को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ अनुबंध की अन्य कठोर शर्तों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने संबंधित अभियंताओं को भी निर्देश दिया गया है कि वे मौके पर रहकर शेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराना सुनिश्चित करें ताकि जनता को इन सुविधाओं का लाभ जल्द से जल्द मिल सके।