महाशिवरात्रि पर त्रिशला फाउंडेशन ने किया सामूहिक रुद्राभिषेक

महाशिवरात्रि पर त्रिशला फाउंडेशन ने किया सामूहिक रुद्राभिषेक

महाशिवरात्रि पर त्रिशला फाउंडेशन ने किया सामूहिक रुद्राभिषेक

प्रयागराज, 15 फ़रवरी। देवों के देव महादेव की असीम कृपा और आशीर्वाद के साथ इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व प्रयागराज में आस्था, सेवा और करुणा का अनुपम संगम बन गया। रविवार को त्रिशला एडवांस रिहैब सेंटर, टैगोर टाउन में आयोजित सामूहिक रुद्राभिषेक कार्यक्रम ने विशेष बच्चों और उनके अभिभावकों को भगवान शिव की शांति, शक्ति और विश्वास से जोड़ दिया।

त्रिशला फाउंडेशन (सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों के कल्याण हेतु समर्पित एक लाभ रहित संस्था) द्वारा भगवान शिव को समर्पित इस आयोजन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक आरम्भ किया गया। “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष और मंत्रों की गूंज के बीच ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं भोलेनाथ की कृपा बच्चों और अभिभावकों पर बरस रही हो। इसके पश्चात महाआरती सम्पन्न हुई, जिसमें सभी ने शिव कृपा से स्वस्थ, सुखी और सकारात्मक जीवन की कामना की। आरती उपरांत महा प्रसाद का वितरण किया गया।

डॉ. जितेन्द्र कुमार जैन ने कहा भगवान शिव को करुणा और कल्याण का प्रतीक माना जाता है। हमें विश्वास है कि महादेव की कृपा से हमारे विशेष बच्चों के जीवन में नई ऊर्जा, आत्मबल और सकारात्मक परिवर्तन आएगा। हमारे विशेष बच्चे असाधारण हैं। महाशिवरात्रि जैसे पावन अवसर पर उनका मुस्कुराना और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना ही हमारे लिए सबसे बड़ा प्रसाद है।

डॉ. वारिदमाला जैन ने कहा महाशिवरात्रि हमें यह सिखाती है कि धैर्य, समर्पण और विश्वास से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है। शिवजी का आशीर्वाद बच्चों और उनके अभिभावकों को मानसिक शांति और आशा प्रदान करता है। यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि माता-पिता को यह विश्वास दिलाने का प्रयास है कि वे अकेले नहीं हैं—त्रिशला फाउंडेशन हर कदम पर उनके साथ है।

इस अवसर पर त्रिशला फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र कुमार जैन, सचिव डॉ. वारिदमाला जैन, ट्रस्टी रमा शंकर सहित फाउंडेशन के अन्य ट्रस्टी एवं सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन त्रिशला फाउंडेशन की टीम द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के समापन पर बच्चों के चेहरों पर खिली मुस्कान और अभिभावकों के भावुक भाव इस बात का प्रमाण थे कि महादेव की कृपा, सेवा भाव और मानवीय संवेदना जब एक साथ आती है, तो वह समाज में सकारात्मक बदलाव की नई राह खोल देती है।