संघ गंगा के तीन भागीरथ" नाटक का मंचन उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में, प्रथम तीन सरसंघचालकों के जीवन पर आधारित
"संघ गंगा के तीन भागीरथ" नाटक का मंचन उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में, प्रथम तीन सरसंघचालकों के जीवन पर आधारित
लखनऊ, 25 जनवरी। "संघ गंगा के तीन भागीरथ" नाटक का मंचन एक बार फिर उत्तर प्रदेश में होने जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रथम तीन सरसंघचालकों के जीवन पर तथा उनके कार्यकुशलता एवं नेतृत्व पर आधारित है। नागपुर और पुणे की संस्था तारा रानी फाउंडेशन तथा राधिका क्रिएशंस की प्रस्तुति जिसका नाम है "संघ गंगा के तीन भागीरथ" महाराष्ट्र में लगभग 25 प्रस्तुति तथा गुजरात , राजस्थान में 30 प्रस्तुति के बाद अब तक यह नाटक उत्तर प्रदेश भी 13 जगहों में प्रस्तुत किया जा चुका है। अब एक बार पुन: हो रहा है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विदर्भ प्रांत के सहसंघचालक श्रीधर गाडगे इस नाटक के लेखक हैं तथा निर्देशन किया है। रंगमंच के अनुभवी दिग्दर्शक संजय पेंडसे , राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ज्येष्ठ प्रचारक रवी जी भुसारी का इस नाटक को मार्गदर्शन है। प्रस्तुति एवं निर्मित है । सारिका पैडसे का निर्मित सहायक ज्ञानबंधु शुक्ला, रवि कापसे, नचिकेत म्हैसाळकर, नाटक मंचन हिन्दी भाषा में है तथा 2 घंटों की इस प्रस्तुति का संगीत डॉ भाग्यश्री चिटनिस ने किया है। सतीश पेंडसे की मंच सज्जा और प्रकाश योजना है । प्रमुख कलाकार की भमिका में मनीष उईके, अनिल पालकर,शान्तनु मंगरुड़कर तथा मीनल मुंडले है।
आयाेजकाें के अनुसार उत्तर प्रदेश में एक बार "संघ गंगा के तीन भागीरथ" इस नाटक का मंचन हाेगा। इसमें 26 जनवरी को फर्रुखाबाद, 27 जनवरी को कन्नौज, 28 जनवरी को कानपुर, और 29 जनवरी को गोंडा में आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा, राष्ट्र सर्वोपरि, विश्व बंधुत्व, समरसता और विश्व शांति के संदेश को ‘संघ गंगा के तीन भगीरथ’ नाटक के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसमें नागपुर के 30 कलाकार देशभर के 100 स्थानों पर इस नाटक का मंचन कर रहे हैं जिनमें अब तक 65 स्थानों पर मंचन किया जा चुका है। नाटक में संघ के प्रथम सरसंघचालक डॉ. हेडगेवार, द्वितीय सरसंघचालक गुरुजी और तृतीय सरसंघचालक बालासाहेब देवरस के जीवन व कार्यों को दर्शाया जाता है।