विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को उभारना शिक्षा का उद्देश्य : प्रो मुकेश पाण्डेय
बुन्देली विरासत दीर्घा का लोगो लोकार्पण समारोह सम्पन्न
झांसी, 12 नवम्बर । उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के सहयोग से बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी के हिन्दी विभाग में स्थापित हो रही बुन्देली विरासत दीर्घा के लोगो अर्थात प्रतीक चिह्न का लोकार्पण कुलपति प्रो मुकेश पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए उन्हाेंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों में विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को उभारना और उन्हें अपनी विरासत की खुशबू से जोड़ना भी शामिल है। हर्ष का विषय है कि दीर्घा के निदेशक और अधिष्ठाता कला संकाय एवं हिन्दी विभाग के अध्यक्ष प्रो पुनीत बिसारिया के कुशल संयोजन में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा को प्रस्तुत किया है, जिसका परिणाम बुन्देली विरासत दीर्घा में तैयार की गई कलाकृतियां, मूर्तियां, चित्र, म्यूरल और थ्री डी मॉडल है।
कुलसचिव ज्ञानेन्द्र कुमार ने कहा कि बुन्देली विरासत दीर्घा का भ्रमण करने से सम्पूर्ण बुन्देलखण्ड की झलक जीवंत हो जाती है। इसमें बनाए गए शिल्प बहुमूल्य हैं और विद्यार्थियों के कला कौशल का शानदार उदाहरण हैं। परीक्षा नियंत्रक राज बहादुर ने लोगो के सूत्र वाक्य भारतस्य हृदय स्थलम बुन्देलखण्ड की प्रशंसा करते हुए कहा कि बुन्देलखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को एक स्थान पर संजोने का यह अभिनव प्रयास सराहनीय है।
कार्यक्रम संयोजक प्रो पुनीत बिसारिया ने बताया कि वर्ष 2024 में संस्कृति विभाग से सहयोग प्राप्त होने के उपरांत बुन्देली विरासत दीर्घा का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया गया। इसके प्रतीक चिह्न में उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड के सभी सात जनपदों की विशेषताओं को उकेरा गया है। उन्होंने बताया कि इस दीर्घा में वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की अश्वारूढ़ प्रतिमा, बुन्देलखण्ड की विभूतियों के म्यूरल, चित्र, मूर्तियां तथा अनेक सांस्कृतिक पर्वों, मन्दिरों, परम्पराओं और लोक देवताओं एवं विभूतियों के विवरण एवं इतिहास को जीवन किया गया है। शीघ्र ही बुन्देली विरासत दीर्घा का लोकार्पण कराया जाएगा।
इस अवसर पर डॉ अनुपम व्यास, डॉ श्रीहरि त्रिपाठी, डॉ नवीन चन्द पटेल, डॉ बिपिन प्रसाद, डॉ सुनीता वर्मा, डॉ सुधा दीक्षित, अनिल बोहरे, अतुल खरे, साबिर अली, डॉ द्युतिमालिनी, रामकुमार भतकारिया गिरजाशंकर कुशवाहा, कुशराज, शुभि यादव, हंसराज वर्मा, पर्वत कुमार, अनुराग शर्मा, अम्बर दीक्षित, सागर सोनी, दिशांत, सृष्टि यादव, नेहा यादव, नंदिनी राजपूत, ऋतु राजपूत, राशि चड्डा, रूपा कुशवाहा, सपना राजपूत, सौरभ सिंह, प्रतिभा, रक्षा पटेल, शिवी यादव, नैन्सी सोनी, दीपक यादव, शिखा शिवहरे, मोहिनी रायकवार 'माही', करन पाल, चाहत सिंह, महेंद्र सिंह, ब्रजपाल समेत अनेक विभागों के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ सुधा दीक्षित ने और डॉ सुनीता वर्मा ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया।