हाईकोर्ट ने बलात्कार की कोशिश व यौन शोषण मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी पर लगाई रोक

हाईकोर्ट ने बलात्कार की कोशिश व यौन शोषण मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी पर लगाई रोक

हाईकोर्ट ने बलात्कार की कोशिश व यौन शोषण मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी पर लगाई रोक

प्रयागराज, 05 अप्रैल  इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यौन शोषण व पाॅक्सो एक्ट के आरोपित के पीड़िता से शादी करने की हामी भरने पर उसकी सपरिवार गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और कहा है कि छह हफ्ते में शादी करके दोनों हलफनामे के साथ अगली सुनवाई की तिथि पर हाजिर हों।

यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा तथा न्यायमूर्ति सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने मुकेश कुमार व चार अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याची अधिवक्ता का कहना है कि बलिया के नगरा थाने में 10 अक्टूबर 24 की घटना की काफी देरी से 6 जनवरी 26 को एफआईआर दर्ज की गई। पूरी कार्यवाही दुर्भाभावनापूर्ण व न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। इसलिए एफआईआर रद्द की जाय।

शुरू में पीड़िता ने घटना के तीन महीने बाद 4 जनवरी 25 को थाने में शिकायत की थी। इसके बाद वह चुप रही। फिर 4 दिसम्बर 25 को अदालत में एफआईआर दर्ज करने की अर्जी दी। मजिस्ट्रेट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है। बलात्कार की कोशिश व यौन शोषण करने का आरोप लगाया। जिसका कोई साक्ष्य नहीं है। पीड़िता का कहना था कि प्रथम याची ने शादी से इंकार किया तो एफआईआर दर्ज की है। इस पर याची ने कहा वह शादी के लिए तैयार है। कोर्ट ने याचिका छह हफ्ते बाद पेश करने का आदेश देते हुए कहा कि दोनों शादी करते हैं तो अगली तिथि पर हलफनामे के साथ हाजिर हों।