सबको हुनर-सबको काम: नामचीन कम्पनियों के साथ ट्रेनिंग दिलाएगी यूपी सरकार
सबको हुनर-सबको काम: नामचीन कम्पनियों के साथ ट्रेनिंग दिलाएगी यूपी सरकार
लखनऊ, 26 दिसम्बर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'सबको हुनर, सबको काम' के संकल्प को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार अब 'ब्रैंड-लिंक्ड ट्रेनिंग' मॉडल पर जोर दे रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को प्रतिष्ठित कम्पनियों के माध्यम से प्रशिक्षित कर सीधे उन्हीं संस्थानों में रोजगार उपलब्ध कराना है।
शुक्रवार को व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) की प्रगति की समीक्षा करते हुए इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
राजधानी लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक में डॉ. हरिओम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को 'मिशन मोड' में संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटैलिटी, अकाउंटेंसी, हेल्थकेयर और अन्य उभरते क्षेत्रों में नामचीन ब्रैंड्स के साथ साझेदारी कर युवाओं को स्मार्ट लर्निंग और उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण दिया जाए।
प्रमुख सचिव ने कहा कि ब्रैंड-आधारित प्रशिक्षण से न केवल युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रमाणपत्र मिलेगा, बल्कि उन्हीं ब्रैंड्स में उनके लिए रोजगार के द्वार भी आसानी से खुलेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशिक्षण की अवधि के दौरान प्रशिक्षार्थियों की नियमित 'ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग' की जाए, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनी रहे।
सरकार ने अब केवल ट्रेनिंग देने तक ही सीमित न रहने का फैसला किया है। डॉ. हरिओम ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद रोजगार पाने वाले युवाओं की भी प्रभावी निगरानी की जाए। इससे प्रशिक्षण और प्लेसमेंट के वास्तविक परिणामों का सटीक आकलन किया जा सकेगा।
समीक्षा बैठक में यूपीएसडीएम के मिशन निदेशक पुलकित खरे, अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह, वित्त नियंत्रक संदीप कुमार और संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने प्रमुख सचिव को अब तक की प्रगति और रोजगार मेलों के माध्यम से मिली उपलब्धियों से अवगत कराया।