जड़ भरत-हनुमान चरित्र से गुंजायमान हुई शिवपुरी
जड़ भरत-हनुमान चरित्र से गुंजायमान हुई शिवपुरी
मीरजापुर, 12 दिसंबर । उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिला मुख्यालय के शिवपुरी कॉलोनी स्थित देव निवास में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शुक्रवार को वातावरण आध्यात्मिक भावों से सराबोर हो उठा। कथा वाचन कर रहे संस्कृत विद्यालय चुनार के पूर्व प्रधानाध्यापक डॉ. ब्रह्मानंद शुक्ल ने जड़ भरत चरित्र, हनुमानजी की महिमा और सात द्वीप–सात पर्वतों का दिव्य पाठ सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
डॉ. शुक्ल ने कहा कि हनुमानजी अतुलित पराक्रम, अपार ज्ञान और अद्वितीय शक्ति रखने के बाद भी पूर्णत: अहंकार-विहीन थे। यही आदर्श उन्हें कलियुग का जीवित प्रकाश स्तंभ बनाता है जो संसार सागर से पार उतरने का मार्ग दिखाते हैं। कथा में जंबूद्वीप, कुशद्वीप, मेरु पर्वत, चक्र पर्वत, चित्रकूट सहित ब्रह्मांड की रचना और विभिन्न लोकों का विस्तारपूर्ण वर्णन किया गया। उन्होंने बताया कि भागवत कथा का श्रवण समस्त पापों का नाश करता है और मोक्ष मार्ग का द्वार खोल देता है। कथा के अंत में भगवान भागवत की आरती की गई। भक्तों में प्रसाद वितरण हुआ। कार्यक्रम में मुख्य यजमान शशिकांत मिश्र, किरण मिश्र, गिरीश, प्रशांत, अभिनव, नेहा, राधाकांत दूबे, माधुरी, राघवेंद्र शुक्ल, सरिता, पुष्पा सहित भारी संख्या में भक्त उपस्थित रहे।