रविन्द्र कुमार मांदड़ का प्रयागराज को भावुक विदाई संदेश
सहयोग, समर्पण और कीर्तिमानों का स्मरण
प्रयागराज, 31 जून: प्रयागराज जनपद में अपने शानदार और उपलब्धियों से भरे कार्यकाल के सफलतापूर्वक समापन पर, निवर्तमान जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मांदड़ ने जनपदवासियों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता और हार्दिक आभार व्यक्त किया है। अपने कार्यकाल के अंतिम क्षणों में, श्री मांदड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व ट्विटर) पर एक अत्यंत भावुक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने जनपदवासियों के साथ बिताए अविस्मरणीय पलों और उनके अमूल्य सहयोग को याद किया। इस पोस्ट के साथ उन्होंने संभवतः एक तस्वीर भी साझा की, जो उनके प्रयागराज के प्रति लगाव को दर्शाती है।

अपने संदेश में, जिलाधिकारी मांदड़ ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि उनके कार्यकाल के दौरान, जिसमें आगामी भव्य महाकुंभ-2025 जैसी विशाल और जटिल परियोजना की तैयारियों सहित अनेक महत्वपूर्ण अवसर शामिल थे, उन्हें जनपदवासियों से जो अभूतपूर्व सहयोग और अनुकरणीय अनुशासन प्राप्त हुआ, वह वास्तव में सराहनीय और अविस्मरणीय है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह मजबूत, समर्पित और कुशल प्रशासनिक टीम के सदस्यों के अथक प्रयासों और जिले के अत्यंत जागरूक एवं जिम्मेदार जनपदवासियों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग का ही परिणाम है कि प्रयागराज ने विभिन्न क्षेत्रों में अनेक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किए हैं। यह सामूहिक प्रयास ही था जिसने जिले को प्रगति और विकास के पथ पर आगे बढ़ाया।

श्री मांदड़ ने प्रयागराज की धरती को नमन करते हुए इसे भारत की सबसे प्राचीन और समृद्ध धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत का एक उत्कृष्ट और जीवंत उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह वह पवित्र भूमि है जहाँ आध्यात्मिकता, इतिहास और आधुनिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रयागराज में अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें जो सहयोग, सम्मान और सद्भाव मिला, उसके लिए वे जनपद की जनता के हृदय से सदैव कृतज्ञ रहेंगे और इन स्मृतियों को अपने साथ संजोकर रखेंगे।

रविन्द्र कुमार मांदड़ का यह विदाई संदेश न केवल एक अधिकारी का अपने कार्यक्षेत्र के प्रति धन्यवाद ज्ञापन था, बल्कि यह एक सफल प्रशासनिक कार्यकाल की समाप्ति पर जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों की शक्ति को भी रेखांकित करता है। प्रयागराज की जनता भी उन्हें एक ऐसे जिलाधिकारी के रूप में याद रखेगी, जिन्होंने जिले के विकास और विशेष रूप से महाकुंभ जैसी चुनौतियों को जन-जन के सहयोग से सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया।