ग्रामीण महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता : डॉ प्रशांत मिश्रा

ग्रामीण महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता : डॉ प्रशांत मिश्रा

ग्रामीण महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता : डॉ प्रशांत मिश्रा

कानपुर, 19 मई । ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता आज समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। विश्वविद्यालय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। यह बातें मंगलवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के उन्नत भारत अभियान के समन्वयक डॉ प्रशांत मिश्रा ने कहीं।

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के उन्नत भारत अभियान एवं स्कूल ऑफ आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के संयुक्त तत्वावधान में विकास खंड मैथा के ग्राम मलिकपुर में महिलाओं हेतु विशेष मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं परामर्श शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कुलपति के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा तनाव, अवसाद, चिंता और पारिवारिक समस्याओं से संबंधित आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराना था।

कार्यक्रम में क्लिनिकल साइकोलॉजी विभाग का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। शिविर में मुख्य विशेषज्ञ के रूप में मनोवैज्ञानिक डॉ अनमोल शेखर श्रीवास्तव उपस्थित रहीं। उन्होंने महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, सकारात्मक सोच, तनाव प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही महिलाओं की व्यक्तिगत समस्याओं को सुनकर उन्हें आवश्यक मनोवैज्ञानिक परामर्श भी प्रदान किया गया।

डॉ अनमोल शेखर श्रीवास्तव ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की कमी के कारण कई महिलाएं अपनी समस्याओं को खुलकर साझा नहीं कर पातीं, जिससे तनाव और अवसाद जैसी समस्याएं बढ़ती जाती हैं। उन्होंने महिलाओं को नियमित दिनचर्या अपनाने, सकारात्मक वातावरण में रहने और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ से सलाह लेने के लिए प्रेरित किया।

शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने अपनी समस्याओं को साझा करते हुए विशेषज्ञों से सुझाव भी लिए। विश्वविद्यालय की इस पहल की ग्रामीण महिलाओं ने सराहना की।