पत्रकारिता में डिप्लोमा करने वाले छात्र एक वर्ष में पूरी कर सकते हैं मास्टर डिग्री : डॉ दिवाकर अवस्थी
पत्रकारिता में डिप्लोमा करने वाले छात्र एक वर्ष में पूरी कर सकते हैं मास्टर डिग्री : डॉ दिवाकर अवस्थी
कानपुर, 19 मई । पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में तेजी से बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए विश्वविद्यालय में लेटरल इंट्री व्यवस्था शुरू की गई है, जिससे पत्रकारिता में डिप्लोमा कर चुके विद्यार्थी केवल एक वर्ष में मास्टर डिग्री पूरी कर सकते हैं। यह बातें मंगलवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ दिवाकर अवस्थी ने कहीं।
सीएसजेएमयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में मिशन एडमिशन 2026-27 के तहत पीजी लेटरल इंट्री कोर्स में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय है जहां पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए यह विशेष सुविधा संचालित की जा रही है। इसके तहत पत्रकारिता में डिप्लोमा कर चुके विद्यार्थियों को सीधे पीजी के दूसरे वर्ष में प्रवेश दिया जाता है, जिससे वे केवल एक वर्ष में मास्टर डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। विभाग में इस कोर्स की कुल 10 सीटें निर्धारित हैं तथा फीस 42,200 रुपये रखी गई है।
डॉ दिवाकर अवस्थी ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत कौशल आधारित और व्यावहारिक शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से लेटरल इंट्री जैसे कोर्स विद्यार्थियों को लचीला और रोजगारपरक शिक्षा मॉडल उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया इंडस्ट्री में आज डिग्री के साथ व्यावहारिक अनुभव को भी काफी महत्व दिया जा रहा है। विभाग में विद्यार्थियों को आधुनिक मीडिया लैब, कैमरा प्रशिक्षण, वीडियो एडिटिंग, रेडियो प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके।
विभाग में समय-समय पर कार्यशालाएं, सेमिनार और मीडिया विशेषज्ञों के व्याख्यान भी आयोजित किए जाते हैं। विभाग के हजारों पूर्व छात्र देश के विभिन्न समाचार संस्थानों, टीवी चैनलों और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कार्यरत हैं। विभाग के प्रवेश समन्वयक डॉ ओमशंकर गुप्ता के अनुसार पत्रकारिता में डिप्लोमा कर चुके विद्यार्थियों को निर्धारित पात्रता के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। पीजी डिप्लोमा यूजीसी से मान्यता प्राप्त संस्थान से होना अनिवार्य है।
मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल मीडिया, न्यूज़ पोर्टल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और यूट्यूब चैनलों के विस्तार से पत्रकारिता के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़े हैं। विभाग में बीए जेएमसी, एम जेएमसी, एमए एफएम और पीजीडीजेएमसी जैसे अन्य कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं।